न्यूज मोहल्ला / गुवाहाटी/सिंगापुर से बड़ी खबर

असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग के बाद हुई मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। परिवार और प्रशंसकों के आरोपों के बाद अब इस मामले में बड़ा कानूनी कदम उठाया गया है। आयोजक और मैनेजर पर FIR दर्ज हुई है और असम सरकार ने CID जांच के आदेश दिए हैं।


 क्या हुआ था

जुबीन गर्ग 11 सितम्बर को नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में हिस्सा लेने सिंगापुर गए थे।

स्कूबा डाइविंग के दौरान तबीयत बिगड़ी और उनका निधन हो गया।

सिंगापुर में पोस्टमॉर्टम के बाद शव गुवाहाटी लाया गया, जहाँ हजारों प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

 FIR में लगे आरोप

FIR मोरीगांव और कामरूप जिले में दर्ज की गई है, जिसमें दो नाम प्रमुख हैं:

1. श्यामकानु महंत (North East India Festival आयोजक)

सुरक्षा इंतजाम और मेडिकल सुविधा में लापरवाही।

बिना तैयारी स्कूबा डाइविंग जैसी गतिविधि में शामिल करवाना।



2. सिद्धार्थ शर्मा (मैनेजर)

बतौर मैनेजर सुरक्षा जिम्मेदारी पूरी नहीं निभाना।

कलाकार की हेल्थ और रिस्क फैक्टर्स को नजरअंदाज करना।




धाराएँ

IPC 120B (साजिश)

IPC 304A (लापरवाही से मौत)



जांच और सरकार का रुख

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि "जुबीन की मौत की सच्चाई सामने लाना सरकार की जिम्मेदारी है।"

सभी FIRs को CID को सौंपकर एक समेकित जांच कराई जाएगी।

सिंगापुर पुलिस और मेडिकल रिपोर्ट भी भारत मंगाई जा रही है।


कानूनी पहलू

अगर आयोजक और मैनेजर की लापरवाही साबित हुई तो IPC 304A के तहत सज़ा या जुर्माना हो सकता है।

अगर साजिश या जानबूझकर खतरे में डालने के सबूत मिले तो धाराएँ और कड़ी हो सकती हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिंगापुर की रिपोर्ट अहम सबूत होगी।

आगे क्या?

CID पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट कोर्ट को सौंपेगी।

डाइविंग सेंटर, इवेंट आयोजकों और मेडिकल इंतजामों पर फोकस होगा।

फैसला करेगा कि यह दुर्घटना थी या लापरवाही की वजह से मौत।

लब्बोलुआब..

जुबीन गर्ग न सिर्फ असम बल्कि पूरे देश के लिए एक सांस्कृतिक धरोहर थे। उनकी असमय मौत ने गहरी चोट दी है। अब सभी की निगाहें CID की जांच पर हैं, जिससे यह साफ होगा कि यह सिर्फ हादसा था या किसी की जिम्मेदारी बनती है।