भोपाल और यातायात

भोपाल शहर मध्यप्रदेश की राजधानी है, यह भोज राजाओं और नवाबों का आबाद किया हुआ शहर है, यह एक ज्ञान की धरोहर है, महलों का गुलदस्ता है, सभ्यता का प्रतीक है।

लेकिन दुर्भाग्य से यहां पर यातायात व्यवस्था बेहद ही लचर हालात में है, अभी 2 दिन पहले एक एक्सीडेंट हुआ, जहां एक बस के ब्रेक फेल होने की वजह से एक लेडी डॉक्टर की मौत हो गई।

जिस बस के ब्रेक फेल हुए उसने आठ वाहनों को क्षतिग्रस्त किया, जिसमें 7 अन्य घायल हो गए।

इसके अलावा हमारे भोपाल शहर में लगातार रोड एक्सीडेंट्स बढ़ते जा रहे हैं, क्योंकि लोग बेहद ही रस ड्राइविंग कर रहे हैं।

न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के मुताबिक बीते दिसंबर, जनवरी और फरवरी तीन महीनों मे भोपाल में 1600 से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हुई।

हर महीने करीब 20 लोग इन हादसों में अपनी जान गंवा रहे हैं, करीब 50 लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं, 

इस रिपोर्ट के मुताबिक लोग यातायात नियमों यह चाहे रोड पर चलने के नियम हो, या ट्रैफिक नियम उनको सख़्ती से नज़रअंदाज कर रहे हैं।

इसके अलावा हैवी बाइकर्स और महंगी कारों वाले गाड़ी की एक्सट्रीम स्पीड पर स्पीडो मीटर को पहुंचाना चाहते हैं, जो रोड जितनी अच्छी और सूनी है, वह इंसानी जान के लिए उतनी खतरनाक है।

जिसमें VIP रोड और गांधीनगर के बाद वाला रोड बेहद ही खतरनाक होता जा रहा है जो की बाइकर्स के स्टंट का प्रैक्टिस मैदान या रेस कोर्स बन गया है।

जिस बस से लेडी डॉक्टर की जान गई है उसका पेपर कंप्लीट नहीं थे, और उसका फिटनेस भी नहीं था, ऐसे अनगिनत वहां सड़कों पर घूम रहे हैं।

यातायात पुलिस का सारा ध्यान जिन जगहों पर दो पहिया वाहन चलाना मुश्किल है, वहां पर हेलमेट की चेकिंग पर रहता है।

इसके अलावा ये कभी भी ना एक्सेस स्पीड पर चालान करते हैं, और ना ही रश ड्राइविंग पर, इसका नुकसान यह होता है, कि किसी बेगुनाह की जान इन स्पीड मास्टर्स के द्वारा जोखिम में डाल दी जाती है।

यातायात पुलिस सिर्फ चालानी कार्यवाही करने के लिए सड़कों पर आती है, और सड़कों पर जाम लग रहा होता है, तब वह नदारद रहते हैं, 

ओल्ड भोपाल का सबसे बड़ा मार्केट जिसे चौक बाज़ार के नाम से जाना जाता है, यह इस बात की ज़िंदा मिसाल है। 

यहां दिन में कई बार ट्रैफिक जाम होता है, जबकि यातायात पुलिस की चौकी बिल्कुल इसी जगह है।

ऐसे कई और उदाहरण हैं जहां पर यातायात पुलिस की चौकियां हैं और वहीं पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम होता है। 

अतः भोपाल निवासियों की एक विनती है, यातायात विभाग से कि यातायात पुलिस अपने कर्तव्य का ठीक तरह से निर्वहन करें, ताकि लोगों के व्यवहार में एक बदलाव आए।

लेखक इमरान उज़ ज़माँ 
ई-मेल imranuzzaman01@gmail.com