जैसा की न्यूज़ मोहल्ला का अपने पाठकों से वादा है, कि जो भी विषय वो हमें देते हैं, हम उस विषय पर आर्टिकल को कवर करने की कोशिश करते हैं।

इसी संबंध में हमारे एक भाई ने हमसे खराब रोड निर्माण के संबंध में आर्टिकल कवर करने के लिए कहा, तो हम आपके सामने वो आर्टिकल लेकर हाज़िर है।

अगर हम भोपाल के संदर्भ में बात करें, तो भोपाल शहर दो हिस्सों में बैठा हुआ है एक पुराना भोपाल और दूसरा नया भोपाल, तो हम बात करते हैं ओल्ड सिटी की जिसे हम पुराने भोपाल के नाम से जानते हैं।

ऐसा नहीं है, कि पुराने भोपाल में सड़क निर्माण है, बल्कि हर जगह सड़क निर्माण है, लेकिन यह निर्माण कार्य थोड़े ही समय में उखड़ जाता है, हालांकि इस पर मुद्दे को न्यूज़ मोहल्ला पिछले लम्बे अरसे से उठा रहा है, और न्यूज़ मोहल्ला की खबर के ज़रिए कुछ सड़कों का मरम्मत कार्य भी हुआ है।

आइए हम उस व्यवहार को समझते हैं, कि खराब रोड निर्माण कार्य करने की वजह क्या है, इसकी वजह एक प्रॉपर प्लानिंग की कमी है, और खराब हुई रोड के ऊपर एक पतली लेयर का इस्तेमाल होता है, जो की कुछ समय के बाद खुद ही खराब हो जाती है। 

इसके साथ ही भ्रष्टाचार एक बड़ी वजह है, किसी भी खराब निर्माण कार्य के लिए, क्योंकि इस वजह से मॉल में कमी की जाती है, जिसकी वजह से गुणवत्ता में कमी आती है, और फिर जिसके नतीजे हमारे सामने आते हैं।

इसके लिए अगर खराब निर्माण कार्य करने वाले एजेंसियों को जो की सड़क निर्माण का ठेका लेती हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता के पैसे से जो निर्माण कार्य किया जाता है, उसमें गुणवत्ता आ सके, और किसी भी तरह की कोई बेईमानी ना हो।

क्योंकि घटिया निर्माण कार्य आम जनता के साथ एक धोखा है उनके साथ बेईमानी है क्योंकि जनता विश्वास के साथ सरकार को चुनती है तो सरकार का और संबंधित विभाग का यह परम कर्तव्य है कि वह आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाए।

अब सीमेंट की सड़क हमारे ओल्ड भोपाल में देखने को मिल रही है और जो भी बड़े रास्ते थे वह सीमेंट की सड़कों के द्वारा कर किया जा चुके हैं, जो जानकारी गूगल से मिली है, उसमें सीमेंट की सड़कों के कुछ नुकसान भी है।

सीमेंट की सड़कों के कुछ मुख्य नुकसान इस प्रकार हैं: प्रारंभिक लागत अधिक होना, दरारें पड़ने और टूटने की संभावना, तापमान के प्रति संवेदनशीलता, मरम्मत में कठिनाई, और शोर। इसके अतिरिक्त, सीमेंट के उत्पादन में पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. 
विस्तार में:
प्रारंभिक लागत:
सीमेंट की सड़कें बनाने की प्रारंभिक लागत डामर की सड़कों की तुलना में अधिक होती है. 
दरारें और टूटना:
सीमेंट की सड़कें तापमान में बदलाव और मिट्टी की हलचल के कारण दरारें और टूटने के प्रति संवेदनशील होती हैं. 
तापमान संवेदनशीलता:
अत्यधिक तापमान, विशेष रूप से गर्मी और सर्दी, सीमेंट की सड़कों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे दरारें या फैलाव हो सकता है. 
मरम्मत में कठिनाई:
सीमेंट की सड़कों की मरम्मत डामर की सड़कों की तुलना में अधिक कठिन और महंगी हो सकती है. 
शोर:
सीमेंट की सड़कें डामर की सड़कों की तुलना में अधिक शोर करती हैं, जिससे ध्वनि प्रदूषण हो सकता है. 
पर्यावरणीय प्रभाव:
सीमेंट के उत्पादन में बड़ी मात्रा में ऊर्जा की खपत होती है और कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है, जिससे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. 
कठोरता:
सीमेंट की सड़कें डामर की सड़कों की तुलना में अधिक कठोर होती हैं, जिससे ड्राइविंग का आराम कम हो सकता है. 

इस संबंध में जब हमने जानकारी इकट्ठा की की भारत में ऊबड़ खाबड़ सड़कों की वजह से कितने रोड एक्सीडेंट होते हैं, तो इसका कोई डेटा उपलब्ध नहीं है।

हालांकि, खराब सड़कों को सड़क हादसों के प्रमुख कारणों में से एक माना जाता है। 
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, भारत में हर दिन 1264 से अधिक सड़क हादसे होते हैं, जिनमें 462 से अधिक लोगों की मौत हो जाती है Jansatta के अनुसार। 

इन हादसों में, खराब सड़कों के कारण होने वाली दुर्घटनाएं एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। 

कुछ प्रमुख कारण जो खराब सड़कों को सड़क हादसों से जोड़ते हैं: 
नियंत्रण खोना:
उबड़-खाबड़ सड़कों पर वाहन चलाते समय चालक नियंत्रण खो सकते हैं, खासकर तेज गति से या खराब मौसम में।
दुर्घटनाओं का खतरा:
खराब सड़कों पर गड्ढे, दरारें और अन्य बाधाएं दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं, खासकर जब चालक इन पर ध्यान नहीं दे पाते हैं।
टायर फटना:
उबड़-खाबड़ सड़कों पर चलते समय टायरों के फटने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
वाहन का नुकसान:
खराब सड़कें वाहनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे उनके संचालन में समस्या हो सकती है और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
थकान और तनाव:
खराब सड़कों पर गाड़ी चलाना थकाऊ और तनावपूर्ण हो सकता है, जिससे चालक की सतर्कता कम हो सकती है, और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

भारत सरकार सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए कई उपाय कर रही है, जिसमें खराब सड़कों की मरम्मत करना और नए राजमार्गों का निर्माण करना शामिल है। 
हालांकि, यह सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है कि चालक सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और सुरक्षित रूप से गाड़ी चलाएं, खासकर उबड़-खाबड़ सड़कों पर।