भोपाल | 7 अगस्त 2025
न्यूज़ मोहल्ला ब्यूरो
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज एक ज़बरदस्त आरोप लगाते हुए कहा कि कर्नाटक की महादेवपुरा विधानसभा सीट पर 1,00,250 फर्जी वोट जोड़े गए हैं, जिससे ‘बेंगलुरु सेंट्रल’ लोकसभा सीट के नतीजे प्रभावित हुए। उन्होंने इसे ‘शीघ्र ढांचेबद्ध चुनावी धोखाधड़ी’ बताया, जिसमें चुनाव आयोग (EC) की मिलीभगत का संदेह जताया गया है।
आरोप के मुख्य बिंदु:
1,00,250 फर्जी वोट होने का दावा, जो चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।
इन फर्जी वोटों में शामिल हैं:
11,965 डुप्लिकेट वोटर्स
40,009 फर्जी या अमान्य पते
10,452 ‘बुल्क वोटर्स’ (एक ही पते पर दर्ज कई वोटर्स)
4,132 अमान्य फ़ोटो वाले वोटर्स
33,692 फ़ॉर्म‑6 का दुरुपयोग — नए पंजीकरण में गड़बड़ी।
वीडियो देख जाने पूरा मामला
https://youtu.be/u7wq5GAvZoc
राहुल ने बताया कि कांग्रेस की छ‑महीने की जाँच में मिले डेटा के आधार पर यह विस्फोटक सामग्री इकट्ठा की गई थी। उन्होंने कहा कि इस एक विधानसभा क्षेत्र की अनियमितताओं से पूरे चुनावी ढांचे में गड़बड़ी का प्रश्न उठता है।
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया:
आयोग ने आरोपों को “भ्रामक और अतार्किक” बताया और राहुल गांधी को शपथपत्र (declaration) के साथ सबूत पेश करने के लिए सरकार लिखा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
भाजपा ने इन दावों को "बुनियादी आधारहीन" बताते हुए चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा पर हमला कहा।
कर्नाटक सरकार में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपाध्यक्ष डी.के. शिवकुमार ने राहुल गांधी के आरोपों का समर्थन करते हुए “वोटर लॉग्स में अनियमितता” के प्रमाण होने की पुष्टि की।
निष्कर्ष:
राहुल गांधी द्वारा आज प्रस्तुत किया गया आरोप — खासतौर पर 1,00,250 वोट चोरी का दावा — चुनावी प्रणाली की निष्पक्षता और लोकतंत्र की बुनियाद पर सवाल खड़े करता है। यदि यह सचित होता है, तो यह गंभीर चुनावी अपराध है। वहीं, चुनाव आयोग द्वारा मांगा ये शपथपत्र इस मुद्दे की संवेदनशीलता और राजनीतिक ज़िम्मेदारी को स्पष्ट करता है।