भोपाल  न्यूज मोहल्ला 
ऑल इंडिया पयाम-ए-इंसानियत फ़ॉरम की भोपाल यूनिट द्वारा रविवार शाम हिंदी भवन, पॉलीटेक्निक चौराहा में “देश में मानवीय आधार पर कार्य की आवश्यकता” विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवता से जुड़े प्रतिष्ठित वक्ताओं ने भाग लिया और अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि देश में प्रतिदिन लगभग 20 करोड़ लोग भूख का सामना कर रहे हैं, जबकि समाज में मोबाइल फोन की बढ़ती लत से बच्चों और युवाओं के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। नशे की प्रवृत्ति को समाज की बड़ी समस्या बताते हुए इसे खत्म करने की अपील की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मौलाना सैय्यद बिलाल अब्दुल हई हसनी नदवी ने कहा कि मानवता का संदेश इस समय की सबसे बड़ी ज़रूरत है। उन्होंने ख़्वाजा अजमेरी के हवाले से कहा, “अगर कोई तुम्हारे रास्ते में कांटे डाले तो तुम फूल डालो, शायद रास्ता फूलों से भर जाए।” उन्होंने युवाओं को देश की ऊर्जा बताते हुए कहा कि यह ऊर्जा देश के निर्माण में लगनी चाहिए, न कि उसे नष्ट करने वाले कार्यों में।

उन्होंने आगे कहा कि जैसे एक जहाज़ के नीचे वाले हिस्से में सुराख होने से पूरा जहाज़ डूब जाता है, वैसे ही समाज का कोई भी वर्ग यदि असंतुलित हो जाए तो पूरा देश प्रभावित होता है। इसलिए सबको मिलकर मानवता की “कश्ती” को बचाने की आवश्यकता है।

मौलाना अली मियां के उदाहरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जब भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जी उनसे मिलने आए थे, तब मौलाना ने कहा था कि देश तीन मूल सिद्धांतों पर टिका है- लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और अहिंसा- और इन तीनों की रक्षा करना सबकी जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता शहर क़ाज़ी सय्यद मुश्ताक अली नदवी ने की। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की प्रेम, भाईचारे और मानवीय मूल्यों के विस्तार से ही संभव है, और यह कार्यक्रम उसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है।

कार्यक्रम में दीपक खरे, सय्यद अय्यूब अली नदवी, सय्यद मोहम्मद अली, अनवर नदवी, यासिर नदवी, हर्षवर्धन, इरबाज़ कुरैशी, चंद्रमोहन मीना, जितेन्द्र राजपूत सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।