हम आज जिस विषय पर बात कर रहे हैं, उसके संबंध में हमारे एक साथी ने कहा था, कि इस विषय को न्यूज़ मोहल्ला के द्वारा कर किया जाना चाहिए, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के बीच में जागरूकता फैले, और जो लोग जाने और अनजाने में इस बुरे काम को कर रहे हैं, वो सभी लोग इससे दूर हो सके।

तो आज हम आप सभी लोगों को यह बताएंगे कि सार्वजनिक स्थल (Public Places) पर थूकने के क्या नुकसान है और हमारे समाज में बसने वाले कुछ लोग इस संबंध में बिल्कुल भी जानकारी नहीं रखते हैं कि वह सार्वजनिक स्थलों में थूककर खुद के लिए और दूसरों के लिए कितना नुकसानदेह साबित होते हैं।

आईए सबसे पहले हम जानते हैं, कि सार्वजनिक स्थल किसको कहते हैं, सार्वजनिक स्थल वे स्थान होते हैं, जो जनता के लिए खुले और सुलभ होते हैं, इनमें सड़कें, पार्क, बाजार, खेल के मैदान, पुस्तकालय, संग्रहालय, और सरकारी इमारतें शामिल हैं,  सार्वजनिक स्थल आमतौर पर सरकार द्वारा प्रबंधित या स्वामित्व में होते हैं, और समुदाय के सभी सदस्यों द्वारा उपयोग के लिए होते हैं।

इस संबंध में जो हमारे साथी ने हम तक बात पहुंचाई थी, वो ये है, कि तंबाखू, पान या गुटखा खाकर जो लोग जगह-जगह थूकते हैं, इसके क्या नुकसानात हैं।

तो इस संबंध में जो जानकारी गूगल पर उपलब्ध है, उसके अनुसार थूकने के कई नुकसान हैं, जिनमें स्वास्थ्य, सामाजिक और कानूनी पहलू शामिल हैं। 

सार्वजनिक स्थानों पर थूकना एक अशिष्ट व्यवहार माना जाता है, और इससे संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है।

स्वास्थ्य संबंधी नुकसान:

संक्रमण का खतरा
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थूकने से कई तरह की बीमारियां फैल सकती हैं, जैसे कि टीबी, फ्लू, सर्दी, खांसी, कोरोना, सार्स, इबोला, स्वाइन फ्लू, और निमोनिया।

मुँह के स्वास्थ्य पर असर:
अत्यधिक थूकने से मुंह सूख सकता है, जिससे चबाने और बोलने में मुश्किल हो सकती है, और दांतों की सड़न और मुंह के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

एस्पिरेशन निमोनिया:
गंभीर मामलों में, अत्यधिक लार के कारण एस्पिरेशन या घुटन हो सकती है, जिससे एस्पिरेशन निमोनिया हो सकता है।

अन्य स्वास्थ्य समस्याएं:
कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के रूप में भी अत्यधिक लार आ सकती है, जैसे कि एंटीसाइकोटिक्स।

सामाजिक नुकसान:
अशिष्ट व्यवहार:

सार्वजनिक रूप से थूकना एक अशिष्ट और सामाजिक रूप से अस्वीकार्य व्यवहार माना जाता है।

संक्रमण का प्रसार:
थूकने से बीमारी फैलाने का खतरा होता है, खासकर सार्वजनिक स्थानों पर।

सामाजिक अलगाव:
सार्वजनिक रूप से थूकने वाले व्यक्ति को सामाजिक रूप से अलग-थलग किया जा सकता है, क्योंकि जो साफ सफाई को पसंद करते हैं, उनको बहुत घिन्न आती है , कि कोई बार-बार उनके सामने थूके।

कानूनी नुकसान:

थूकने पर जुर्माना 100 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है। अगर कोई व्यक्ति दूसरी बार थूकते हुए पकड़ा जाता है, तो जुर्माना 2,000 रुपये होगा, नगर निगम सार्वजनिक स्थानों पर थूकने के खतरों के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए पोस्टर लगा रहा है।

मानसिक स्वस्थ पर नकारात्मक असर:
मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है, जैसे कि चिंता और शर्मिंदगी।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भी बार-बार थूकना बिल्कुल भी ठीक नहीं है, सनातन धर्म ही बार-बार ऐसा करने से लोगों को रोकता है, और इस्लाम धर्म में तो यहां तक लिखा है, कि जो व्यक्ति किबले (पश्चिम) की तरफ़ रुख करके थूकता है, जब आखरत में वो हाज़िर होगा, तो वो थूक उसकी पेशानी में लगा होगा।

वहीं ऐसा भी देखने में आता है, कि कुछ लापरवाह और अज्ञानी लोग धार्मिक स्थलों तक का ख्याल नहीं करते हैं, बल्कि धार्मिक स्थलों के टॉयलेट्स में बीड़ी, गुटखा और तंबाखू का सेवन करते हैं, इसकी वजह से बेहद गंदगी होती है, ये कितने अफसोस की बात है कि वो जगह जहां हम अपने शरीर की गंदगी को निकालने जाते हैं, वहां पर लोग बैठकर कुछ खाएं या पीएं?

हमारे शहरों में सार्वजनिक स्थानों चाहें, वो अस्पताल हों, या कॉम्प्लेक्स, या सरकारी स्थल, पार्क या महल में थूकते हैं, हर कोई अपने घर को, गली को, मोहल्ले को, शहर को, सजाकर रखता है लेकिन ये थूकबाज़ लोग हमारी धरोहरों तक में गुटखे और पान के ज़रिए मॉडर्न आर्ट बनाते है, ये सरासर गलत है, इससे हमारा खूबसूरत शहर कितना गंदा दिखाई देता है।

अंत में हम शासन और प्रशासन से यही अपील करना चाहते हैं, कि वो एक अभियान चलाकर, इस संबंध में सख्त रवैया अपनाए और सार्वजनिक स्थलों में धूम्रपान करने वालों और थूकने वालों पर जुर्माना लगाए, ये तुकबाज थूकबाज़ तब ही अपनी आदत से बाज़ आ सकते हैं, वरना इनको समझ पाना बेहद मुश्किल है।

इसके साथ ही हम इन लोगों से यही कहना चाहते हैं, जो सार्वजनिक स्थानों पर थूकते हैं, कि क्या वह अपने घर में भी ऐसा ही करते हैं और अगर ऐसा नहीं कर सकते हैं तो हमारा शहर भी हमारा घर है हमारी पहचान है तो हम उसको गंदा और बीमार क्यों करते हैं???

लेखक इमरान उज़ ज़माँ 
ई-मेल imranuzzaman01@gmail.com