न्यूज मोहल्ला भोपाल ब्यूरो
रमज़ानुल मुबारक के पवित्र महीने में भोपाल सेंट्रल जेल के भीतर रोज़ा इफ्तार का एक सराहनीय, अनुशासित और इंसानियत से भरपूर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जेल में मौजूद रोज़ेदार कैदियों के लिए इफ्तारी का मुकम्मल इंतज़ाम किया गया, जिसमें केला, तरबूज सहित विभिन्न प्रकार के फल और रोज़ा खोलने से संबंधित तमाम आवश्यक सामग्री शामिल रही।
यह इफ्तार कार्यक्रम APCR (Association for Protection of Civil Rights) की ओर से आयोजित किया गया। उल्लेखनीय है कि APCR टीम विगत तीन वर्षों से लगातार भोपाल सेंट्रल जेल में रमज़ान के दौरान इफ्तार का आयोजन करती आ रही है, जो संगठन की निरंतर सामाजिक प्रतिबद्धता और सुधारात्मक सोच को दर्शाता है। संगठन का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रहकर, कैदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कैदियों ने सामूहिक रूप से इफ्तार किया और नमाज़ अदा की। इस दौरान सामाजिक प्रतिनिधियों ने कैदियों से संवाद करते हुए उन्हें यह समझाइश दी कि अपराध का रास्ता केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। कैदियों को आत्ममंथन, सुधार और भविष्य में एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में समाज में लौटने की प्रेरणा दी गई।
इस अवसर पर सामाजिक, कानूनी और चिकित्सकीय क्षेत्र से जुड़े कई ज़िम्मेदार लोग मौजूद रहे,
एडवोकेट अशरफ़ अली, जिला सचिव (APCR), भोपाल
“रमज़ान सब्र, आत्मसंयम और इंसानियत का महीना है। कैदियों के साथ इफ्तार कराना उसी संदेश को ज़मीनी स्तर पर उतारने की एक सतत कोशिश है।”
फ़ज़ल-उर-रहमान, वाइस प्रेसिडेंट (APCR)
“हमारा उद्देश्य केवल इफ्तार कराना नहीं, बल्कि कैदियों के दिलों में सुधार, उम्मीद और नई शुरुआत का भरोसा पैदा करना है।”
अनवर पठान, कोऑर्डिनेटर (APCR)
“कैदियों से सीधी बातचीत कर उन्हें अपराध से दूर रहने और एक बेहतर इंसान बनकर समाज में लौटने की नसीहत दी गई।”
नोमान अंसारी, ऑफिस सेक्रेटरी (APCR)
“ऐसे कार्यक्रम समाज और जेल व्यवस्था के बीच सकारात्मक संवाद और विश्वास को मज़बूत करते हैं।”
नादिर अली, सदस्य (APCR)
“हर इंसान को सुधार का एक अवसर मिलना चाहिए, और रमज़ान इसी सोच को मज़बूती देता है।”
जावेद पाक़ीज़ा, समाजसेवी
“रमज़ान का असली पैग़ाम यही है कि समाज के हर तबके तक रहमत और हमदर्दी पहुंचे।”
डॉ. अज़हर, हुडा हॉस्पिटल
“मानवता की सेवा सबसे बड़ी इबादत है, और यह इफ्तार कार्यक्रम उसी भावना का जीवंत उदाहरण है।”
इस कार्यक्रम में फ़ैज़ुद्दीन ख़ान, प्रेसिडेंट - न्यूज़ मोहल्ला वेलफेयर फाउंडेशन भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कैदियों से संवाद कर सकारात्मक सोच, सामाजिक ज़िम्मेदारी और बेहतर भविष्य की राह अपनाने का संदेश दिया।
APCR टीम ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश की अन्य जेलों में भी इसी तरह के इफ्तार और सुधारात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक बंदियों तक इंसानियत, सुधार और सामाजिक पुनर्वास का संदेश पहुंचाया जा सके।
पूरे कार्यक्रम का माहौल बेहद सकारात्मक, अनुशासित और भावनात्मक रहा। जेल प्रशासन के सहयोग से यह इफ्तार कार्यक्रम अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और कैदियों के चेहरों पर सुकून, आत्मविश्वास और उम्मीद साफ़ झलकती नज़र आई।