न्यूज मोहल्ला/मुरैना (मध्यप्रदेश) में विकसित हो रही सोलर-प्लस-स्टोरेज परियोजना ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, यह परियोजना देश की सबसे कम दर पर बिजली उपलब्ध करवाने वाली परियोजना बन गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त प्रयासों का परिणाम है, जो जन-कल्याण के लिए लगातार काम कर रही हैं।
परियोजना की मुख्य विशेषताएँ:
न्यूनतम टैरिफ दर: यह देश की पहली सोलर-प्लस-स्टोरेज परियोजना है, जिसमें 2.70 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली आपूर्ति की जाएगी।
उच्च उपलब्धता: परियोजना में 95% वार्षिक उपलब्धता के साथ 440 मेगावॉट की ऊर्जा सप्लाई सुनिश्चित होगी।
बैटरी स्टोरेज नवाचार: बैटरी का उपयोग दिन में दो बार किया जाएगा - सौर ऊर्जा से चार्ज होकर शाम के पीक ऑवर्स में और रात में ग्रिड से चार्ज होकर सुबह के पीक ऑवर्स में बिजली उपलब्ध कराना।
निविदा प्रक्रिया: 19 सितंबर 2025 को आयोजित ई-रिवर्स नीलामी में 16 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने भाग लिया। यूनिट-1 के लिए Ceigall India Ltd ने 2.70 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-2 के लिए Acme Solar Holding Ltd ने 2.764 रुपये प्रति यूनिट की दर पर निविदा जीती।
परियोजना विकास: यह परियोजना रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (RUMSL) द्वारा विकसित की जा रही है, जिसने पहले भी कई प्रतिष्ठित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को सफलतापूर्वक लागू किया है।
मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को मध्यप्रदेश को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह परियोजना न केवल प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी भारत को एक नई दिशा देगी।