जबलपुर से गूंजेगी देशव्यापी डिजिटल क्रांति, सिंधिया की अगुवाई में BSNL और चार दिग्गज कंपनियों में ऐतिहासिक एमओयू
नई दिल्ली, 11 अगस्त 2025 (सोमवार)
भारत में तकनीकी कौशल विकास और डिजिटल परिवर्तन को नई दिशा देने के लिए आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में, नई दिल्ली में BSNL और विश्व की चार प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों — एरिक्सन, क्वालकॉम, सिस्को और नोकिया — के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सिंह, जबलपुर के सांसद आशीष दुबे और टेलीकॉम सचिव नीरज मित्तल भी मौजूद रहे। इस एमओयू के तहत युवाओं को 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)/मशीन लर्निंग (ML), नेटवर्किंग और अन्य उभरती तकनीकों में अत्याधुनिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
जबलपुर बनेगा देश का टेक-स्किलिंग हब
यह प्रशिक्षण मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित भारत रत्न भीमराव अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ टेलीकॉम ट्रेनिंग (BRBRAITT) में आयोजित होंगे। इससे जबलपुर न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश का प्रमुख टेक-स्किलिंग सेंटर बनकर उभरेगा।
सिंधिया ने कहा कि तेजी से बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था में उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह साझेदारी भारत के युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करेगी और देश को वैश्विक डिजिटल क्रांति की अग्रिम पंक्ति में लाकर खड़ा करेगी।
युवाओं को मिलेगा रोजगार और वैश्विक अवसर
एमओयू के तहत प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सीधे भागीदार कंपनियों में रोजगार का अवसर मिलेगा। इससे न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के युवाओं को लाभ होगा। यह पहल तकनीकी उद्यमिता को भी नई दिशा देगी।
6G से क्वांटम तकनीक तक छलांग
सिंधिया ने इसे सिर्फ एक शुरुआत बताते हुए कहा कि भविष्य में टीसीएस, सी-डॉट और तेजस नेटवर्क्स जैसी कंपनियों के साथ भी व्यापक साझेदारियां होंगी। उन्होंने भागीदार कंपनियों के लिए पाँच प्रमुख कार्यबिंदु भी रेखांकित किए —
1. उच्चस्तरीय तकनीकी पाठ्यक्रम विकसित करना, जिसमें वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल कौशल के लिए विशेष मॉड्यूल हों।
2. प्रतिभाशाली छात्रों की नियुक्ति पर विशेष ध्यान।
3. प्रशिक्षित प्रतिभाओं के नाम कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित करना।
4. देशभर के कॉलेजों में शैक्षणिक पहुँच का विस्तार।
5. 6G, IoT, मशीन लर्निंग और क्वांटम तकनीक जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित करना।
Editor-in-Chief: फ़ैज़ुद्दीन ख़ान