रतलाम (मध्य प्रदेश), -  जिले के चिकलाना गांव में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से चल रही मेफेड्रोन (MD) ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई हाल ही में मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि इलाके में सिंथेटिक ड्रग्स का निर्माण और सप्लाई का नेटवर्क सक्रिय है।

दिलावर खान के मकान पर छापा, भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद

पुलिस की छापेमारी सीधे दिलावर खान के घर पर की गई, जहाँ से:

लगभग 11 किलो से ज़्यादा मेफेड्रोन (MD)

अनुमानित कीमत करीब ₹10 करोड़

ड्रग बनाने के उपकरण

संदिग्ध केमिकल

कुछ अवैध हथियार

और वन्यजीव (जिसमें एक जीवित मोर भी शामिल था)

बरामद किए गए।

बरामद हुए पदार्थों का परीक्षण कराया गया है, जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट में मेफेड्रोन होने की पुष्टि हुई है।


सुरक्षा चेतावनी: मेफेड्रोन (MD), जिसे कभी-कभी HD ड्रग्स के रूप में भी कहा जाता है, एक खतरनाक अवैध सिंथेटिक नशीला पदार्थ है। यह शरीर और दिमाग दोनों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है, दिल की धड़कन बढ़ा सकता है, मानसिक संतुलन बिगाड़ सकता है और कई मामलों में जान के लिए भी खतरा बन सकता है।

15 लोग गिरफ्तार, एक नाबालिग हिरासत में

कार्रवाई के दौरान 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा एक 16 वर्षीय किशोर को भी हिरासत में लिया गया। आरोप है कि इन सभी का संबंध ड्रग निर्माण और सप्लाई नेटवर्क से है।

दिलावर खान का राजनीतिक संबंध भी जांच के घेरे में

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिलावर खान का नाम सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के स्थानीय सहयोगी के रूप में सामने आया है। बताया जाता है कि दिलावर पहले स्थानीय चुनाव भी लड़ चुका है और पार्टी गतिविधियों में सक्रिय था।
हालाँकि इस समय तक सांसद की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है।

पुलिस–माफिया संबंध की जांच, SI की वर्दी भी मिली

छापेमारी के दौरान पुलिस को एक सब-इंस्पेक्टर की वर्दी और ID कार्ड भी घर से मिला है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। इस आधार पर पुलिस–ड्रग माफिया गठजोड़ की संभावना को देखते हुए आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।

परिवार ने छापे का विरोध किया

छापेमारी के दौरान घरवालों ने पुलिस का विरोध किया, जिसकी वीडियो फुटेज भी कुछ मीडिया चैनलों पर सामने आई है। पुलिस का कहना है कि इससे जांच प्रभावित नहीं हुई और कार्रवाई नियमानुसार की गई।

जांच जारी, और गिरफ्तारियाँ संभव

मध्य प्रदेश पुलिस ने बताया है कि नेटवर्क बड़ा हो सकता है और बरामद उपकरणों व डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।