न्यूज मोहल्ला/भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम से जुड़े कथित फर्जी बिल घोटाले के मामले में मध्यप्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लोकायुक्त को मिली शिकायत के आधार पर निगम के अपर आयुक्त (वित्त) गुणवंत सेवतकर समेत कुछ कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप में FIR दर्ज की गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोप है कि निगम के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने SAP सॉफ्टवेयर के माध्यम से कथित तौर पर फर्जी ई-बिल तैयार कराए और बिना वास्तविक काम कराए कुछ फर्मों को भुगतान दिखाया गया। जांच एजेंसी को यह भी संदेह है कि इन फर्मों में कुछ परिचितों या रिश्तेदारों से जुड़े लोगों की भूमिका हो सकती है।
मामले की जांच के दौरान लोकायुक्त की टीम ने नगर निगम के मुख्यालय सहित कई स्थानों पर तलाशी कार्रवाई की। इस दौरान भुगतान से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और SAP सिस्टम से संबंधित सर्वर डेटा जब्त किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक करीब एक दशक तक के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में मोटर वर्क शाखा, जल कार्य विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े भुगतान में अनियमितताओं के संकेत मिलने की बात सामने आई है।
लोकायुक्त पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की विस्तृत जांच के बाद यदि अन्य अधिकारियों या फर्मों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
जांच एजेंसी के अनुसार मामले की विस्तृत जांच जारी है, और जांच पूरी होने के बाद ही कथित घोटाले की वास्तविक राशि और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगा,