लेखन: फ़ैज़ुद्दीन खान, प्रधान संपादक - न्यूज़ मोहल्ला
मेरठ, उत्तर प्रदेश
मेरठ में नर्स रुकसाना पर हुए सनसनीखेज़ एसिड अटैक केस का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस हमले का असली मास्टरमाइंड महेंद्र कुमार प्रजापति निकला, जिसे पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस की गोली आरोपी की टांग में लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कैसे हुआ हमला?
23 सितंबर को नर्स रुकसाना घर से ड्यूटी पर जा रही थीं, तभी उन पर पीछे से एसिड फेंका गया। हमले में वह गंभीर रूप से झुलस गईं।
शुरुआती जांच में शक नाबालिग आरोपी पर गया था, जिस पर रुकसाना की बेटी को परेशान करने का आरोप लगा था।
लेकिन आगे की पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ कि यह हमला दरअसल एकतरफा प्यार और नाकाम रिश्ते का नतीजा था।
₹2000 में कराया गया एसिड अटैक
पुलिस के अनुसार महेंद्र कुमार ने ही 2000 रुपये देकर नाबालिग से यह हमला करवाया था।
आरोपी ने कबूल किया कि वह पहले रुकसाना से बातचीत करता था, लेकिन जब महिला ने दूरी बना ली और उसके कॉल्स का जवाब देना बंद कर दिया, तो उसने गुस्से में यह खौफनाक साज़िश रची।
इस तरह पूरा केस दोस्ती ठुकराने और जुनूनी इश्क़ से जुड़ा निकल आया।
पुलिस मुठभेड़ और बरामदगी
गिरफ्तारी के समय महेंद्र कुमार ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसकी टांग में लगी।
पुलिस ने उसके कब्जे से तमंचा, जिंदा कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद की है।
आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़िता की हालत
नर्स रुकसाना का इलाज जारी है। एसिड अटैक से उनका चेहरा और शरीर झुलस गया है। डॉक्टरों के मुताबिक स्थिति स्थिर है, लेकिन लंबे इलाज की ज़रूरत होगी।
बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि एकतरफा प्यार और जुनूनी मानसिकता किस हद तक खतरनाक हो सकती है। साथ ही यह भी साफ है कि नाबालिगों को आपराधिक षड्यंत्र में शामिल करना समाज के लिए कितना खतरनाक साबित हो रहा है
न्यूज़ मोहल्ला का संपादकीय दृष्टिकोण:
यह केस सिर्फ़ एक आपराधिक वारदात नहीं बल्कि सामाजिक चेतावनी है कि “ना” का मतलब समझना और महिला की अस्मिता का सम्मान करना हर हाल में ज़रूरी है। पुलिस का त्वरित खुलासा और कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन पीड़िता को न्याय दिलाने की राह अभी लंबी है।