कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने हाल ही में आदेश दिया था कि मसूद के खिलाफ तीन दिन में FIR दर्ज हो और एसआईटी जांच शुरू की जाए। इसी आदेश पर कार्रवाई करते हुए भोपाल के कोहेफिजा थाने में धोखाधड़ी व जालसाजी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया था और एडीजी संजीव शमी के नेतृत्व में एसआईटी भी गठित हुई थी।
भोपाल (न्यूज़ मोहल्ला)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र से विधायक आरिफ मसूद को इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज विवाद मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर के उस आदेश पर अंतरिम रोक (स्टे) लगा दी है, जिसमें मसूद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर एसआईटी से जांच कराने का निर्देश दिया गया था।
मामला क्या है?
इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज भोपाल में अमन एजुकेशन सोसाइटी के अंतर्गत संचालित होता है, जिसके सचिव विधायक आरिफ मसूद हैं। आरोप है कि कॉलेज को चलाने के लिए फर्जी दस्तावेजों और जाली बिक्री पत्र (फर्जी सेल डीड) का इस्तेमाल किया गया। इस मामले की शिकायत पर उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी।
इसके बाद जबलपुर हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अपनाया और 19 अगस्त को आदेश दिया कि मसूद के खिलाफ तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज की जाए और विशेष जांच दल (SIT) गठित कर जांच आगे बढ़ाई जाए। कोर्ट ने एसआईटी की कमान एडीजी संजीव शमी को सौंपी थी।
FIR दर्ज और SIT गठित
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भोपाल के कोहेफिजा थाने में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 471 सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया। साथ ही, एडीजी संजीव शमी की अध्यक्षता में एसआईटी भी गठित कर दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट से राहत
आरिफ मसूद ने हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। शुक्रवार को सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मसूद को अंतरिम राहत देते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे लगा दिया। इस आदेश के बाद फिलहाल एसआईटी जांच और एफआईआर की कार्यवाही पर रोक लग गई है।
आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश अस्थायी राहत है। आगे की सुनवाई में तय होगा कि एसआईटी जांच और एफआईआर को लेकर अंतिम फैसला क्या होगा। फिलहाल मसूद को कानूनी कार्यवाही से बड़ी राहत मिल गई है।
(एडिटर इन चीफ - फैजुद्दीन खान )