भोपाल (मध्य प्रदेश):
राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद इलाके में स्थित राजधानी पेट्रोल पंप (BP) पर पेट्रोल चोरी और मशीन गड़बड़ी का अजीबोगरीब मामला सामने आया है। एक युवक ने अपनी होंडा शाइन मोटरसाइकिल में पेट्रोल भरवाया। कंपनी का दावा है कि इस बाइक के टैंक की क्षमता 10.5 लीटर है। लेकिन पेट्रोल पंप के मीटर पर 16 लीटर पेट्रोल डलवाने का हिसाब आया।

मामला कैसे खुला ?

युवक ने शक होने पर अपनी बाइक का पेट्रोल टैंक खाली कराया।

बाइक से 13.5 लीटर पेट्रोल ही निकला।

सवाल ये है कि कंपनी कहती है 10.5 लीटर टैंक, लेकिन निकला 13.5 लीटर और डलवाया गया 16 लीटर—तो ये अंतर कहां गया?


पेट्रोल पंप संचालक का कहना है कि “मशीन खराब थी”, इस वजह से गड़बड़ी हुई। 

लेकिन सवाल यह है कि

अगर मशीन खराब थी तो अब तक कितने ग्राहकों को ठगा गया?

और इतनी बड़ी गड़बड़ी सिर्फ एक मशीन में है या पूरे सिस्टम में?


सिर्फ भोपाल ही नहीं, देशभर में पेट्रोल चोरी के ऐसे कई मामले!

1. दिल्ली, 2017: इंडियन ऑयल के कई पंपों पर मशीन में चिप लगाकर ग्राहकों को हर लीटर पर 50–60 ml कम पेट्रोल दिया जा रहा था। बड़ी कार्रवाई में कई पंप सील कर दिए गए।


2. लखनऊ, 2018: पुलिस ने छापा मारकर पाया कि कुछ पेट्रोल पंप मालिक रीमोट कंट्रोल डिवाइस लगाकर मीटर से छेड़छाड़ कर रहे थे। ग्राहक को 1 लीटर की जगह सिर्फ 900 ml पेट्रोल मिल रहा था।


3. इंदौर, 2022: शिकायत के बाद जांच में पता चला कि पेट्रोल पंप मशीनें कैलिब्रेशन से छेड़छाड़ करके 100 ml तक पेट्रोल गायब कर रही थीं।


4. कानपुर, 2023: पेट्रोल चोरी के मामले में चौंकाने वाला खुलासा—कनेक्टिंग पाइपलाइन में छेड़छाड़ कर लीटर के हिसाब से कम पेट्रोल दिया जा रहा था।




जनता का गुस्सा

भोपाल की इस घटना के बाद लोग सोशल मीडिया पर भड़के।

महंगाई की मार से पहले ही जनता परेशान है।

ऊपर से अगर पेट्रोल पंप पर ही चोरी होने लगे तो लोगों का भरोसा टूटना तय है।


एक ग्राहक ने कहा

 “अगर बाइक में 10 लीटर की जगह 16 लीटर पेट्रोल दिखा रहा है तो सोचिए कितनी बड़ी लूट हो रही है। रोजाना हजारों ग्राहक आते हैं, कितनों का पैसा बर्बाद हुआ होगा?”




सिस्टम पर सवाल

क्या पेट्रोल पंप मशीनों की नियमित जांच और कैलिब्रेशन नहीं होती?

क्या पेट्रोल कंपनियां और प्रशासन आंखें मूँदकर बैठे हैं?

और सबसे अहम—ग्राहकों के पैसे का हर्जाना कौन देगा?



निष्कर्ष – न्यूज़ मोहल्ला की राय

भोपाल का मामला एक चेतावनी है कि पेट्रोल चोरी अब मशीन की “खराबी” के नाम पर छुपाई नहीं जा सकती। देशभर में ऐसे कई मामले उजागर हो चुके हैं, लेकिन कार्रवाई के बाद भी यह खेल रुक नहीं रहा।
जनता महंगाई और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से पहले ही त्रस्त है, अब पेट्रोल चोरी ने इसे सोने पर सुहागा नहीं बल्कि “सोने पर चोट” बना दिया है।

न्यूज मोहल्ला प्रधान संपादक 
          फैजुद्दीन खान 
9301363785/7999357775