उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में 57 महीने पुराने दिल दहला देने वाले मामले में अदालत ने सात साल की मासूम से दुष्कर्म और उसकी छोटी बहन की हत्या करने वाले दोषी अनिल चमेली को फांसी की सजा सुनाई है।
अदालत ने इस जघन्य अपराध को “विरलतम श्रेणी” (rarest of rare) का मामला मानते हुए कहा कि ऐसे दरिंदे को सिर्फ मृत्युदंड ही न्यायोचित दंड है। अदालत ने टिप्पणी की - “यदि ऐसे अपराधियों को सख्त सजा नहीं दी जाएगी, तो समाज में गलत संदेश जाएगा और न्याय व्यवस्था पर प्रश्न उठेंगे।”
क्या था मामला:
कांट थाना क्षेत्र के एक गांव में 22 फरवरी 2021 को पांच और सात साल की सगी बहनें घर से निकलीं और देर शाम तक वापस नहीं लौटीं। परिजनों की तलाश के दौरान खेत में पांच वर्षीय बच्ची का शव मिला, जबकि उसकी सात वर्षीय बहन घायल हालत में पास ही पाई गई।
पुलिस जांच में पता चला कि गांव का ही अनिल चमेली, जो शहद बेचने का काम करता था, ने दोनों बच्चियों के साथ क्रूरतापूर्वक अपराध किया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की थी।
करीब 57 महीनों बाद न्यायालय ने इस दर्दनाक मामले में दोषी को फांसी की सजा सुनाते हुए कहा - “क़ातिल और रेपिस्ट को साँसे टूटने तक फांसी पर लटकाया जाए।”
यह फैसला समाज में यह संदेश देता है कि बच्चियों के साथ दरिंदगी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।