न्यूज मोहल्ला/नई दिल्ली, 1 अक्टूबर 2025
भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक कंटेंट को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता अभिषेक बच्चन और अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने दिल्ली उच्च न्यायालय में Google और YouTube के खिलाफ एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की है।

यह याचिका दोनों कलाकारों के “personality rights” (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा से जुड़ी है। दोनों का कहना है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया पर AI तकनीक का इस्तेमाल करके उनकी छवि (image), आवाज़ (voice) और वीडियो का दुरुपयोग (misuse) किया जा रहा है।


याचिका में क्या कहा गया है:

इंटरनेट पर AI-generated वीडियो और डीपफेक्स तेजी से फैल रहे हैं।

इन वीडियो में कलाकारों की आवाज़, चेहरा और शैली बिना अनुमति के इस्तेमाल की जा रही है।

यह उनके व्यक्तिगत अधिकारों, गोपनीयता (privacy) और प्रतिष्ठा (reputation) का उल्लंघन है।

Google और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स को ऐसे कंटेंट को हटाने और भविष्य में रोकने के लिए बाध्य किया जाए।


अदालत से मांग:

1. अदालत यह सुनिश्चित करे कि

कोई भी प्लेटफॉर्म (जैसे YouTube)
बिना अनुमति के AI कंटेंट में उनकी छवि/आवाज़ का उपयोग न करे।



2. ऐसे सभी वीडियो को तुरंत हटाया जाए जो पहले से उपलब्ध हैं।


3. Google और YouTube को नए AI मॉडल ट्रेनिंग में इनकी छवियों का उपयोग न करने का आदेश दिया जाए।




AI और डीपफेक से जुड़ी बढ़ती चिंता:

भारत में पिछले कुछ महीनों में कई नामचीन हस्तियों - राजनेताओं, अभिनेताओं और पत्रकारों - के डीपफेक वीडियो वायरल हुए हैं।
सरकार भी अब इस पर सख्ती बरतने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार, IT मंत्रालय जल्द ही AI और डीपफेक रेगुलेशन पर नई गाइडलाइन जारी कर सकता है।


विशेषज्ञों की राय:

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुकदमा भारत में “AI Regulation और Personality Rights” के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
अगर अदालत से कलाकारों के पक्ष में फैसला आता है, तो यह देशभर में AI और डीपफेक पर नियंत्रण के लिए एक मिसाल बनेगा।


पूरा मसला:

हाल ही में कई बॉलीवुड कलाकारों की फर्जी वीडियो और आवाज़ वाले कंटेंट वायरल हुए हैं।

जनता में भ्रम और झूठी खबरें फैलाने के लिए AI टूल्स का गलत इस्तेमाल बढ़ रहा है।

विश्व स्तर पर भी हॉलीवुड के कई कलाकार ऐसी कानूनी कार्रवाई कर चुके हैं।



लब्बोलुआब:

अभिषेक और ऐश्वर्या की यह याचिका भारत में AI और डिजिटल अधिकारों पर चल रही बहस को और तेज कर देगी।
अब सभी की नज़रें दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर हैं, जो भविष्य में कंटेंट क्रिएशन और AI इस्तेमाल के लिए एक नया रास्ता तय कर सकता है।


हमारी बात:

 “जिस तरह आम जनता का एक परिवार होता है, उसी तरह सेलिब्रिटी भी इंसान हैं और उनके भी परिवार होते हैं।
जब उनकी नकली छवियाँ, आवाज़ें या वीडियो इंटरनेट पर फैलते हैं, तो इसका असर सिर्फ उनकी प्रतिष्ठा पर नहीं, बल्कि उनके परिवार और बच्चों की मानसिक शांति पर भी पड़ता है।
इसलिए समाज को चाहिए कि डिजिटल युग में जिम्मेदारी से व्यवहार करे और किसी की निजी ज़िंदगी का मज़ाक न बनाए।”