न्यूज मोहल्ला भोपाल: शहर में पर्यावरण और सामाजिक पहल के रूप में शुरू किए गए Kachra Cafe अब चर्चा और विवादों में फंस गए हैं। यह पहल मूल रूप से घर और आसपास के recyclable waste (कागज, प्लास्टिक, बोतलें, ई‑waste आदि) को इकट्ठा करके लोगों को “कचरा‑करेंसी” के माध्यम से मुफ्त या सस्ते में भोजन और हस्तनिर्मित सामान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
Kachra Cafe - कैसे काम करता है
- नागरिक अपने घर या आसपास से recyclable waste लाते हैं।
- कैफे में इसका वजन मापा जाता है और इसके आधार पर डिजिटल वेस्ट‑करेंसी / कचरा‑कॉइन दी जाती है।
- इस करेंसी को कैफे में भोजन, स्नैक्स, या eco‑friendly और recycled हस्तनिर्मित वस्तुओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
- जमा किए गए कचरे को आगे recycling या सुरक्षित disposal के लिए भेजा जाता है।
उद्देश्य और लाभ
- शहर में waste management और recycling को बढ़ावा देना।
- लोगों में कचरे को संसाधन के रूप में देखने की सोच विकसित करना।
- महिलाओं और self‑help groups को रोज़गार और आर्थिक अवसर प्रदान करना।
- landfill और पर्यावरण प्रदूषण कम करना।
विवाद और जमीन का मामला
हाल ही में यह पता चला कि कुछ प्रमुख शाखाओं - जैसे 10 Number Market, Bittan Market और Boat Club - को मूल उद्देश्य से हटकर व्यावसायिक रेस्टोरेंट में बदल दिया गया। साथ ही, इन कैफे के लिए सरकारी जमीन पर proper अनुमति और land‑allocation नहीं था।
जांच रिपोर्ट में टेंडर और अनुबंध में उल्लंघन पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन केंद्रों के टेंडर रद्द किए जा सकते हैं और cafés बंद होने की संभावना है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने cafés बंद हो चुके हैं और कितने अभी भी चल रहे हैं।
लब्बोलुआब
Kachra Cafe की पहल पर्यावरण और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण थी, लेकिन जमीन और अनुबंध विवाद ने इसे संकट में डाल दिया है। अब यह देखा जाएगा कि जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद इस पहल को कैसे आगे बढ़ाया जाएगा।