भोपाल/न्यूज मोहल्ला
78 वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा की इब्तिदा आज फ़ज्र की नमाज़ के बाद रूहानी माहौल में हुई। बड़ी तादाद में जुटे मुसलमानों ने दुआओं और तक़रीरों के साथ इस सालाना इज्तिमा की शुरुआत की। पहला बयान मौलाना हारून साहब भिवंडी ने पेश किया, जिसमें उन्होंने दीन की अहमियत और इंसानियत की कामयाबी का असल रास्ता बयान किया।

मौलाना हारून साहब ने कहा कि मौलाना इलियास रहमतुल्लाह अलैह फरमाया करते थे कि तमाम इंसानियत की कामयाबी अल्लाह तआला ने अपने मुबारक दीन में रखी है। उन्होंने बताया कि हज़ूर ﷺ की 13 साल की मक्की जिंदगी का सबसे बड़ा मिशन लोगों को दीन की तालीम देना, अल्लाह पर अच्छा गुमान रखना और सुन्नतों पर चलने की तरगीब देना था।

अपने बयान में मौलाना ने सुन्नत की अहमियत पर ज़ोर देते हुए कहा कि “जो मुसलमान जितना ज्यादा सुन्नत का पाबंद होगा, उसका ईमान उतना ही कामिल होगा।” उन्होंने बताया कि सुन्नत-ए-नबी सिर्फ इबादत नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी को बेहतर बनाने का तरीका है।

मौलाना हारून साहब ने नमाज़ को अल्लाह की मदद का सबसे बड़ा रूहानी ज़रिया बताते हुए कहा कि सहाबा-ए-किराम अपने हर छोटे-बड़े मसले का हल नमाज़ के जरिए तलाश करते थे। उन्होंने लोगों को हिदायत की कि नमाज़ को सिर्फ फर्ज समझकर नहीं, बल्कि अल्लाह की रहमत और मदद को बुलाने वाला अमल समझकर अदा किया जाए।

इज्तिमा में आज भी दिन भर तक़रीरों, दुआओं और तालीमी निज़ाम का सिलसिला जारी रहेगा। बड़ी तादाद में लोग दूर-दराज़ से इस रूहानी जमावड़े में शामिल हो रहे हैं।