भोपाल, 25 जुलाई — इंजीनियरिंग शिक्षा में रचनात्मकता और प्रभावशीलता का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला जब Sky College of Engineering, जो कि Millennium Group of Institutions के कैंपस में स्थित है, ने एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। इस आयोजन ने न केवल छात्रों को एक नया दृष्टिकोण दिया, बल्कि यह अपने आप में एक प्रेरणादायक कहानी बन गया।
कार्यशाला का विषय था:
"स्टोरीटेलिंग के माध्यम से उत्तर लेखन की कला: इंजीनियरिंग परीक्षाओं के लिए एक नया दृष्टिकोण"।
इस सत्र का संचालन किया गया Millennium के ही पूर्व छात्र और 'Jugad for Engineers' के संस्थापक द्वारा, जिन्होंने अपनी व्यक्तिगत यात्रा और अनुभवों के ज़रिए छात्रों को उत्तर लेखन की तकनीक में दक्ष बनाया। उन्होंने बताया कि कैसे उत्तरों को एक कहानी के रूप में प्रस्तुत करने से न केवल परीक्षक का ध्यान खींचा जा सकता है, बल्कि इससे छात्र अधिक अंक अर्जित कर सकते हैं।
Jugad for Engineers संचालक Aurangzeb Azam ने भावुक होते हुए कहा।
“मैंने कभी इन्हीं दीवारों के बीच बैठकर अपने भविष्य की कल्पना की थी। आज उन्हीं दीवारों के भीतर छात्रों को दिशा देना मेरे लिए गर्व और आभार का क्षण है,”
कार्यशाला में छात्रों के साथ-साथ कॉलेज प्रशासन ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह आयोजन खास इसलिए भी रहा क्योंकि यह 'पूर्व छात्रों की वापसी' जैसा एक प्रेरक उदाहरण बना, जिसमें एक छात्र अपने ही संस्थान में शिक्षक बनकर लौटा।
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहे:
Dr. P.S. Yadav, Wing Commander (Retd.) एवं Director, Sky College
Mr. R.S. Yadav, Administrative Officer, Millennium Group
Mr. Rahul Malviya, HR, Millennium Group
Dr. Hazra Khan, Professor एवं Head – Admission, Millennium Group
Abhishek Patel, Media Cell, Millennium Group
इन सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जब कोई छात्र संस्थान से सीखकर, उसी संस्था में लौटकर दूसरों को सीख देता है, तो यह संस्था की असली सफलता होती है।
क्या है ‘Jugad for Engineers’?
Jugad for Engineers एक उभरता हुआ शैक्षणिक प्लेटफॉर्म है जो डिप्लोमा और बीटेक छात्रों को उत्तर लेखन कौशल, स्मार्ट अध्ययन तकनीकों और करियर-केंद्रित प्रशिक्षण प्रदान करता है। इसका उद्देश्य छात्रों को न केवल ज्ञानवान, बल्कि आत्मविश्वासी और प्रैक्टिकली सक्षम इंजीनियर के रूप में तैयार करना है।
यह आयोजन न केवल शैक्षणिक विकास की दिशा में एक कदम था, बल्कि यह साबित करता है कि जब शिक्षा में नवाचार और अनुभव का समावेश होता है, तो विद्यार्थियों का दृष्टिकोण और परिणाम — दोनों बदल सकते हैं।