मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड मुख्यालय, भोपाल में आज एक दिवसीय क़ाज़ी कॉन्फ्रेंस (कार्यशाला) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल (कैबिनेट मंत्री दर्जा) ने की। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऑनलाइन माध्यम से कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आत्मनिर्भर भारत के अभियान से जुड़ने और देश में निर्मित स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग पर बल दिया।
कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य वक्फ सम्पत्तियों की सुरक्षा, विकास और वाकिफ़ की मंशा के अनुरूप उनके सदुपयोग को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना तथा वक्फ संशोधित अधिनियम 2025 के तहत नए प्रावधानों पर चर्चा करना रहा। इसके साथ ही “उम्मीद” पोर्टल, वक्फ संपत्ति पंजीयन, कृषि भूमि नीलामी, पट्टा नियमों, शिक्षा नीति “पढ़ो-पढ़ाओ, राष्ट्र निर्माण में भागीदारी बनो” और स्वास्थ्य सेवाओं में वक्फ की भूमिका जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए क़ाज़ी साहिबान - रियासत भोपाल के क़ाज़ी-ए-शहर क़ाज़ी सैयद मुश्ताक अली नदवी, क़ाज़ी सैयद इशरत अली (अध्यक्ष, म.प्र. क़ाज़ी काउंसिल), क़ाज़ी खलीक उर्रहमान (उपाध्यक्ष, म.प्र. क़ाज़ी काउंसिल), और मुफ्ती-ए-शहर भोपाल मुफ्ती अबुल कलाम क़ासमी - ने अपनी राय प्रस्तुत की।
क़ाज़ी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने समाजिक बुराइयों पर नियंत्रण और शादी-निकाह को इबादत की नीयत से संपन्न कराने की सलाह दी। उन्होंने सभी क़ाज़ियों से स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के प्रति जनजागरण अभियान चलाने का आह्वान किया।
क़ाज़ी सैयद इशरत अली ने कहा कि वक्फ संपत्तियों से प्राप्त आय का उपयोग इमामों और मुअज्ज़िनों के जीवन स्तर सुधार में किया जाना चाहिए।
क़ाज़ी खलीक उर्रहमान ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के “स्वदेशी अभियान” को समर्थन देने का संकल्प दोहराया। वहीं, मुफ्ती अबुल कलाम क़ासमी ने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग केवल राजनीतिक नहीं बल्कि शरई मसअला है, और इस दिशा में देशवासियों को गंभीरता से प्रयास करना चाहिए।
अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने क़ाज़ी साहिबान का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश में वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और विकास वक्फ बोर्ड की प्राथमिकता है। उन्होंने वक्फ कानून 2025 के तहत हो रहे नवाचारों की जानकारी दी और समाज के सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में मध्यप्रदेश क़ाज़ी काउंसिल और रियासत भोपाल के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से घोषणा की कि वे स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वक्फ बोर्ड द्वारा इस तरह की सार्थक पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि “क़ाज़ी कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समाज में जागरूकता और एकता का संदेश गया है। वक्फ संपत्तियों का सही उपयोग और स्वदेशी वस्तुओं का समर्थन, दोनों ही देशहित में महत्वपूर्ण कदम हैं।”
रिपोर्ट : न्यूज मोहल्ला (Bhopal)
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