किश्तवाड़ में बादल फटने से तबाही: 50 से ज़्यादा मौतें, सैकड़ों लापता
जम्मू-कश्मीर।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बादल फटने से भीषण तबाही मच गई। तेज़ बारिश और पहाड़ी नालों के उफान ने कई गाँवों को अपनी चपेट में ले लिया। अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
क्या हुआ हादसा?
गुरुवार सुबह अचानक किश्तवाड़ के चशोती गाँव के पास बादल फट गया। देखते ही देखते नाले में भारी मलबा और पानी बहकर गाँव में घुस गया। कई घर, झोपड़ियाँ और दुकानें मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आवाज़ इतनी भयानक थी कि लोग समझ ही नहीं पाए कि क्या हो रहा है।
मृतक और लापता
अब तक अलग-अलग एजेंसियों के अनुसार 40 से 56 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
200 से अधिक लोग लापता माने जा रहे हैं।
100+ लोग घायल, जिनमें से कई की हालत गंभीर है।
राहत और बचाव कार्य
फौरन सेना, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर भेजी गईं। मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है। अब तक दर्जनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। हेलीकॉप्टरों और नावों की मदद से बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
स्थानीय असर
हादसे की वजह से मशहूर मचैल माता यात्रा रोक दी गई है और पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने तुरंत अपना कार्यक्रम रद्द कर स्थिति का जायज़ा लेने का ऐलान किया है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, लगातार हो रही तेज़ बारिश और असामान्य बादल जमाव के कारण कश्मीर घाटी में इस तरह के हादसों का खतरा बढ़ा हुआ है।
यह आपातकालीन स्थिति है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और बचाव कार्य में सहयोग करें।