नारी को सम्मान कैसे मिल पाएगा?

जब जनता की चुनी हुई सरकार द्वारा सामूहिक बलात्कारियों को "संस्कारी" बताकर, जेल से आज़ाद कराया जाएगा।

जब बेगुनाह मां का पेट काटकर, उसके मासूम बच्चे के कातिलों को, मान सम्मान दिया जाएगा।

जब इंसानियत के दुश्मनों के लिए फूल माला, ढोल नगाड़ों और मिठाइयों से महिलाओ द्वारा स्वागत किया जाएगा।

तब इंसान का रूप धारण करे, शैतानों को नारी की 'इज़्ज़त और अस्मितासी लूटने का हौसला मिल जाएगा।

तब इंसान रूपी इन राक्षसों को, मासूम बच्चियों को भी नोच खाने का परवाना मिल जाएगा।

तब हमारे नारी प्रधान देश में, नारी की आत्मा और शरीर इन वहशी दरिदों से बचाना, बेहद मुश्किल हो जाएगा।

तब इस कलयुग में, किसी की भी जान ओ माल, इज़्ज़त ओ आबरू को बचाना नामुमकिन हो जाएगा।

ज़रा सोचो, घोर चिंतन और मनन करो;

अगर न रुका ज़ुल्म औरत पर, तब नारी को मान-सम्मान देने वाला, "हमारा हिंदुस्तान "बलात्कारियों का स्थान" बन जाएगा।