भोपाल में 528 लीटर पेट्रोल जब्त: जहाँगीराबाद पेट्रोल पंप पर खाद्य विभाग की कार्रवाई

भोपाल। राजधानी भोपाल के जहाँगीराबाद इलाके में सोमवार को खाद्य विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की। टीम ने राजधानी पेट्रो प्वाइंट की जांच के दौरान 528.99 लीटर पेट्रोल जब्त किया। स्टॉक में गड़बड़ी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।

क्या है मामला?

खाद्य विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि इस पंप पर उपभोक्ताओं को निर्धारित मात्रा से कम पेट्रोल दिया जा रहा है। जब टीम मौके पर पहुँची तो पेट्रोल के स्टॉक का मिलान किया गया। यहाँ पाया गया कि स्टॉक और बिक्री में भारी अंतर है। यही वजह रही कि 528 लीटर से ज्यादा पेट्रोल जब्त करना पड़ा।

आखिर क्यों होता है ऐसा?

पेट्रोल पंप पर इस तरह की गड़बड़ी कई कारणों से हो सकती है:


1. मीटर में छेड़छाड़ – मशीन को इस तरह एडजस्ट किया जाता है कि ग्राहक को स्क्रीन पर जितना दिखता है, असल में उससे कम पेट्रोल निकलता है।


2. स्टॉक में गड़बड़ी – टैंकों में आने वाला पेट्रोल और ग्राहकों को बेचा जाने वाला पेट्रोल जब मेल नहीं खाता, तो अंतर सामने आता है।


3. मिश्रण या मिलावट – कभी-कभी पेट्रोल में अन्य तरल पदार्थ (जैसे केरोसिन या पानी) मिलाने से भी अंतर निकलता है।


4. लेखा-जोखा की गड़बड़ी – कई बार पंप प्रबंधन सही तरीके से हिसाब नहीं रखता, जिससे स्टॉक कम या ज्यादा दिख सकता है।



उपभोक्ताओं पर असर

इस तरह की गड़बड़ी का सीधा असर उपभोक्ता पर पड़ता है। ग्राहक जितने पैसों का पेट्रोल खरीदता है, उतना पेट्रोल उसे नहीं मिलता। इसका मतलब है कि जेब से ज्यादा पैसा जाता है और बदले में गाड़ी में कम ईंधन पहुँचता है। लंबे समय तक यह उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बनता है।

आगे क्या होगा?

जिला खाद्य नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने कहा है कि स्टॉक में अंतर मिलने के बाद पेट्रोल जब्त किया गया है और पंप प्रबंधन के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस निलंबन, जुर्माना या पंप सील करने जैसी कार्यवाही भी शामिल हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि उपभोक्ताओं से धोखा करने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने माँग की कि ऐसे निरीक्षण नियमित रूप से किए जाएँ ताकि आम जनता को सही मात्रा में पेट्रोल मिल सके।



न्यूज़ मोहल्ला
प्रधान संपादक: फैजुद्दीन खान 
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