भोपाल, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वार्ड नंबर 78 के रहवासियों ने शनिवार को एमपीईबी (मध्यप्रदेश विद्युत मंडल) कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली के बिल कई गुना बढ़ गए हैं।

निवासियों का आरोप है कि पहले जहां बिल 400 से 500 रुपये तक आते थे, वहीं अब 4000 से 5000 रुपये तक पहुंच गए हैं। कुछ किरायेदारों ने तो यह तक कहा कि “हमारे घर का किराया 6000 रुपये है और बिजली का बिल 7000 रुपये तक आ रहा है, ऐसे में परिवार कैसे चलाएं?”

कई लोगों ने गुस्से में कहा कि उन्होंने सोने-चांदी के जेवर बेचकर बिजली का बिल भरा है। कुछ परिवारों का कहना है कि बिजली का इतना भारी-भरकम बिल भरने के बाद घर का खर्च चलाना और बच्चों की पढ़ाई कराना असंभव हो गया है।

आरिफ खान के नेतृत्व में घेराव

इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व क्षेत्रीय नेता आरिफ खान ने किया। उन्होंने एमपीईबी अधिकारियों से मुलाकात कर स्मार्ट मीटर हटाने और पुराने मीटर पुनः लगाने की मांग की। खान ने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो लोग खुद ही स्मार्ट मीटर हटाने पर मजबूर होंगे।

रहवासियों की पीड़ा

प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगे अभी दो महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और हालात यह हो गए हैं कि परिवार के पास खाने तक के पैसे नहीं बचे। “हम अपने बच्चों की शिक्षा और घर का खर्च कैसे चलाएं? आखिर बिजली बिल चुकाते-चुकाते कब तक जीएंगे?” – प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाए।

जनता का सवाल

लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार और विभाग आम नागरिकों पर अत्याचार कर रहे हैं। रहवासियों का कहना था कि अगर स्थिति ऐसी ही रही तो उन्हें मजबूरन अंधेरे में रहना पड़ेगा या फिर मीटर तोड़कर फेंकना पड़ेगा।