भोपाल /आरिफ नगर इलाके में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान प्रतिमाएँ खंडित होने का मामला अब बड़ा विवाद बन चुका है। समिति अध्यक्ष ने शिकायत देकर आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पथराव किया, जिससे प्रतिमाएँ टूटीं। इसी आधार पर FIR दर्ज भी हुई। लेकिन पुलिस की जांच रिपोर्ट में नई बातें सामने आई हैं।

पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से अब तक पथराव की पुष्टि नहीं हुई है। जिन तीन लोगों पर आरोप लगाए गए, उनमें से दो की लोकेशन घटना के समय दूसरी जगह मिली और तीसरा आरोपी अभी नहीं मिला है।


घटना कैसे हुई?

रविवार रात करीब 7:41 बजे विसर्जन यात्रा खत्रीपुरा गणेश मंदिर से निकली। यात्रा में शामिल एक बड़ी प्रतिमा और ट्रक पर रखी छोटी प्रतिमा खंडित हो गई। इसके बाद समिति अध्यक्ष करण कुशवाहा ने विश्रामपुरा नगर के तीन युवकों - अय्यूब, असलम और साहिल - पर पथराव का आरोप लगाकर थाने में शिकायत दर्ज कराई।


पुलिस जांच में क्या निकला?

आरोपी हलीम ने अपनी दुकान का CCTV फुटेज दिया, जिसमें घटना के वक्त उसकी मौजूदगी वहीं पर दिखी।

मोबाइल लोकेशन से असलम की मौजूदगी भी दूसरी जगह साबित हुई।


पुलिस ने 10 से ज्यादा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए, लेकिन किसी ने भी पथराव होते नहीं देखा।


पुराना विवाद भी जुड़ा

अगस्त में अब्दुल हलीम ने समिति अध्यक्ष और उनके साथियों पर धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतें जांच में शामिल हैं।

मोहल्ले में चर्चा

अब गली-गली में यही बातें हो रही है

“जिन्हें दोषी बताया गया था, वे तो बरी होते दिख रहे हैं।”

“CCTV और लोकेशन ने सच साफ़ कर दिया।”

“ये मामला राजनीति और आपसी रंजिश से जुड़ा हो सकता है।”



 कुल मिलाकर, पुलिस का कहना है कि अभी तक पत्थरबाज़ी का कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जांच जारी है और आगे रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।