मुल्ताई (बेतूल) में 9 अक्टूबर 2025 को हुई सांप्रदायिक हिंसा की घटना पर APCR (Association for Protection of Civil Rights) ने अपनी फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट जारी की है।
मध्यप्रदेश राज्य सचिव सैयद जावेद अख्तर ने आज 2 नवंबर 2025 को भोपाल स्थित APCR ऑफिस में प्रेस वार्ता में मीडिया को इस रिपोर्ट की जानकारी दी।
रिपोर्ट के अनुसार, 9 अक्टूबर की शाम को दो पक्षों के बीच बाइक टकराने की मामूली घटना को साम्प्रदायिक रंग दे दिया गया। स्थानीय स्तर पर हुई हिंसा में मारपीट, दुकानों और ठेलों को पलटना, धार्मिक स्थलों पर हमले और संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने की घटनाएं सामने आई हैं।
फैक्ट फाइंडिंग टीम ने बताया कि मुस्लिम समुदाय के कई गरीब व्यापारियों के ठेले और दुकानें लूटी और तोड़ी गईं, जिनका अनुमानित आर्थिक नुकसान ₹15,000 से ₹40,000 तक हुआ है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस ने पीड़ित पक्ष की एफआईआर दर्ज नहीं की, जिससे समुदाय में भय और असुरक्षा की भावना बनी।
रिपोर्ट में पुलिस और प्रशासन से कई मांगें की गई हैं:
. सभी उपलब्ध CCTV और वीडियो साक्ष्य को सील कर सुरक्षित रखा जाए।
पीड़ितों की एफआईआर तुरंत दर्ज कराई जाए और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और सुरक्षा दी जाए।
. घटना की जांच एक स्वतंत्र एजेंसी या वरिष्ठ अधिकारी द्वारा कराई जाए।
APCR के मध्यप्रदेश राज्य सचिव सैयद जावेद अख्तर ने कहा, “APCR का उद्देश्य किसी पक्ष का समर्थन करना नहीं है, बल्कि सत्य को उजागर करना और सभी नागरिकों को न्याय दिलाना है। इस घटना में प्रशासन और पुलिस के शुरुआती रवैये पर सवाल खड़े होते हैं, जिन्हें निष्पक्ष जांच से स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।”
उन्होंने यह भी बताया कि रिपोर्ट को राज्य सरकार, मानवाधिकार आयोग और उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा ताकि न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।