बुलंदशहर (न्यूज़ मोहल्ला)
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। परिवार का बेटा, जिसे 13 साल पहले सांप के डसने के बाद मृत मानकर नदी में प्रवाहित कर दिया गया था, अचानक ज़िंदा घर लौट आया। इस घटना ने न सिर्फ गाँव बल्कि पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है।
सांप ने डसा, परिवार ने समझा मौत - नदी में बहा दिया था शव
जानकारी के मुताबिक, करीब 13 साल पहले दीपू नाम के लड़के को सांप ने डस लिया था। परिजनों ने इलाज कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बेटे की मौत के सदमे में परिवार ने हिंदू रीति के अनुसार उसके शव को नजदीकी नदी में प्रवाहित कर दिया। उसी दिन सभी ने मान लिया था कि दीपू अब कभी वापस नहीं आएगा।
10 किलोमीटर दूर सपेरों को मिला, बाबा ने ले लिया बंगाल
कहा जा रहा है कि नदी में बहने के बाद दीपू का शरीर करीब 10 किलोमीटर दूर कुछ सपेरों को मिला। सपेरे उसे हरियाणा के पलवल जिले में एक कथित बंगाली बाबा के पास ले गए। बाबा ने दावा किया कि विशेष उपचार के बाद दीपू “फिर से जीवित” हो गया।
इसके बाद बाबा ने दीपू को अपनी देखरेख में रखकर बड़ा किया और कुछ समय बाद उसकी शादी भी करवा दी। आज दीपू की उम्र करीब 26 साल है और उसके तीन बच्चे हैं।
सपेरे पहुंचे गांव - कहानी का खुलासा
करीब एक साल पहले सपेरे बुलंदशहर के उसी गांव पहुंचे, जहाँ दीपू का परिवार रहता था। यहां उन्हें पता चला कि जिस लड़के को उन्होंने जिंदा माना था, वह वास्तव में यही दीपू है, जिसे परिवार 13 साल से मृत समझ रहा था।
सपेरे यह बात लेकर बाबा के पास गए। इसके बाद बाबा, दीपू को लेकर उसके गांव पहुंचे। घरवालों ने देखते ही उसे पहचान लिया और फफक-फफक कर रो पड़े। गांव में भीड़ जुट गई, लोगों ने उसे गले लगाया और भावनात्मक माहौल बन गया।
दीपू बोला - मेरा घर अब बंगाल में है
भावनाओं के बीच दीपू ने कहा-
“मैं अपने असली घर को नहीं भूलूंगा, लेकिन अब मेरा परिवार बंगाल में है। मैं वहीं रहूंगा, बीच-बीच में यहां आता रहूंगा।”
सवाल भी खड़े - क्या सच में जिंदा हुआ था या कुछ और?
यह पूरी घटना जितनी भावुक है, उतनी ही रहस्यमयी भी। क्या कोई व्यक्ति सांप के डसने के बाद और नदी में प्रवाहित किए जाने के बाद जिंदा हो सकता है? या फिर यह किसी पहचान की गलती, अंधविश्वास या किसी बड़े खेल का हिस्सा है?
रिपोर्ट: न्यूज़ मोहल्ला