मोहला। बाल विवाह निषेध दिवस (25 नवंबर 2025) के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला बाल संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन में जिलेभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य समुदाय को बाल विवाह के दुष्परिणामों और बाल संरक्षण संबंधी कानूनी प्रावधानों से अवगत कराना था।
पुलिस थाना मोहला से अभियान की शुरुआत
अभियान की शुरुआत पुलिस थाना मोहला से हुई, जहाँ पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, बाल संरक्षण के नियम और कानूनी दंडों की जानकारी दी गई। पुलिस को बाल विवाह की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई और समाज में जागरूकता फैलाने की भूमिका पर विशेष निर्देश दिए गए।
महाविद्यालयों में जागरूकता व्याख्यान
इसके बाद शासकीय नवीन महाविद्यालय और श्याम लाल शाह महाविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित हुए। विद्यार्थियों को बताया गया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इससे,
शिक्षा बाधित होती है
कम आयु में गर्भधारण से स्वास्थ्य पर खतरे बढ़ जाते हैं
आर्थिक निर्भरता बढ़ती है
मानसिक व सामाजिक समस्याएँ उत्पन्न होती हैं
छात्रों को बाल विवाह रोकने में अपनी भूमिका निभाने और किसी भी संदिग्ध स्थिति की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर देने की सलाह दी गई।
SEGES पीएम श्री स्कूल मोहला में बच्चों ने ली शपथ
अगले चरण में SEGES पीएम श्री स्कूल मोहला में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। बड़ी संख्या में छात्रों और शिक्षकों ने बाल विवाह न करने और न होने देने की शपथ ली।
अधिकारियों ने बच्चों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन खतरे और साइबर क्राइम टोल-फ्री नंबर 1930 के उपयोग की जानकारी भी दी।
विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई
सभी आयोजनों में प्रतिभागियों को महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख योजनाओं- पोषण अभियान, किशोरी शक्ति योजना, सुरक्षा एवं संरक्षण कार्यक्रम, और महिला सशक्तिकरण योजनाओं- की जानकारी दी गई और इनके लाभ उठाने के तरीकों से अवगत कराया गया।
जागरूकता की दिशा में सकारात्मक पहल
अभियान ने पुलिस विभाग, शैक्षणिक संस्थानों, छात्रों और समुदाय को एक मंच पर लाकर बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ मजबूत संदेश दिया। अधिकारियों ने बताया कि विभाग आगे भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर जागरूकता बढ़ाने का कार्य जारी रखेगा,