अजमेर में ताजमहल की प्रतिकृति पर चला बुलडोज़र
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सेवन वंडर्स पार्क का ध्वस्तीकरण शुरू
न्यूज मोहल्ला अजमेर। राजस्थान के अजमेर में बने सेवन वंडर्स पार्क पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने बुलडोज़र चलाना शुरू कर दिया है। इस पार्क में विश्व के सात अजूबों की प्रतिकृतियाँ बनाई गई थीं, जिनमें ताजमहल, एफिल टॉवर, पिरामिड ऑफ गीज़ा, स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी, क्राइस्ट द रिडीमर, लीनिंग टॉवर ऑफ़ पीसा और रोम का कोलोसियम शामिल थे।
क्यों हो रहा है ध्वस्तीकरण
यह पार्क आनासागर वेटलैंड क्षेत्र में बनाया गया था, जहाँ निर्माण कार्य पर्यावरण नियमों का उल्लंघन माना गया।
अगस्त 2023 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इस निर्माण को अवैध करार दिया था।
इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा और अदालत ने साफ आदेश दिए कि 17 सितंबर 2025 तक पूरे पार्क को हटाया जाए।
करोड़ों का खर्च अब मलबे में
पार्क को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगभग ₹11 से ₹12 करोड़ की लागत से बनाया गया था।
अब यह पूरी संरचना तोड़ी जा रही है और करोड़ों रुपये की लागत से बनी प्रतिकृतियाँ मलबे में तब्दील हो रही हैं।
कार्रवाई का हाल
प्रशासन ने 12 सितंबर 2025 से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ताजमहल की प्रतिकृति पर हथौड़े और जेसीबी मशीनें चल रही हैं।
सुरक्षा कारणों से मीडिया और आम लोगों की पार्क में एंट्री सीमित कर दी गई है।
आगे क्या होगा
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि पार्क पूरी तरह ध्वस्त होने के बाद क्षेत्र को वेटलैंड के मूल स्वरूप में बहाल किया जाए। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र का पुनर्विकास किया जाएगा।