इसी कड़ी में नगर निगम विभाग द्वारा 8 जुलाई से 14 जुलाई के बीच में स्वच्छ घर अभियान और स्वच्छ पड़ोस अभियान मनाया जा रहा है पहले हम स्वच्छ भारत अभियान के संबंध में बात करते हैं।

 स्वच्छ घर अभियान;

जैसा कि हम सभी जानते हैं, कि पिछले आर्टिकल में हमने हाथों की साफ सफाई के संबंध में बात की थी, जिसका संबंध हमारे शरीर से था, क्योंकि हमें स्वच्छ रहने के लिए सबसे पहले हमारे शरीर का स्वच्छ होना बहुत ज़रूरी है, फिर उसके बाद अगला नंबर आता है, हमारे घर का जिसका स्वच्छ होना बेहद ज़रूरी है।

जब से कंक्रीट के घरों का कलर आया है तब सबसे आंगन और घर के बाहर गार्डन का कल्चर खत्म हो गया है अन्यथा पुराने घरों में घर के बाहर भी पेड़ पौधे लगे होते थे और घर के आंगन में भी पेड़ पौधे लगे होते थे।

यहां तक की घर के बाहर खुशबू वाले पौधे लगे होते थे, जो की दिन में भी खुशबू देते थे और रात में भी खुशबू देते थे, तो इस बात से अंदाज़ा लगाया जा सकता है, कि पुराने लोग कितने नए थे, क्योंकि हमें अब जो समझाया जा रहा है, वह सदियों से उसे पर अमल करते कर रहे थे, वह लोग पुराने समय में साफ सफाई का कितना ज्यादा ख्याल करते थे।

अब भाग दौड़ बड़ी ज़िंदगी में हम सिर्फ प्रकृति का उपभोग कर रहे हैं, उसको कुछ दे नहीं रहे हैं, क्योंकि अब हम सिर्फ कोल्हू का वो बैल बन गए हैं, जिसका खास मकसद पैसा कमाना है, वरना पहले हम प्रकृति से जो लेते थे, तो उसको कुछ न कुछ लौटाने की कोशिश करते थे, ताकि एक बैलेंस बना रहा है, हालांकि प्रकृति हमको जो दे रही है, हम उसका .01% भी उसको नहीं लौटा सकते हैं।

अब घरों को बनाते समय वेंटिलेशन का ध्यान नहीं रखा जाता है, और घरों को फुल पैक किया जाता है, जिसकी वजह से धूप और हवा का आना हमारे घरों में नहीं हो पाता है, इससे घरों में बैक्टीरिया पनपते हैं, फिर घरों में कालीन या फर्नीचर फुल कवर्ड इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें धूल के कारण जमा होते रहते हैं, और ठीक तरीके से उनकी सफाई नहीं हो पाती।

इसी कड़ी में जी बिस्तर का हम इस्तेमाल करते हैं, उसका गण उसके गंदा होने से भी हम बहुत सारी बीमारियों का शिकार बनते हैं, खासतौर पर गद्दे और तकिया का इस्तेमाल पहले रूई वाले गद्दे होते थे, जिनकी 1 साल या 2 साल में सफाई धुनवाने के ज़रिए हो जाती थी, लेकिन अब माइक्रोफाइबर वाले तकिए और फोम वाले गद्दे इस्तेमाल में आ रहे हैं, जिनकी साफ़ सफ़ाई पॉसिबल नहीं कर सकते हैं, और हमको बीमार करने के लिए पर्याप्त होते हैं, पहले घरों में मटकिया रोज़ाना साफ़ होती थी, अब मटकियां भी कई कई दिनों तक साफ नहीं होती है।

अगर देखा जाए, तो पहले सारे काम घर की औरतों और मर्दों के द्वारा हाथों से किए जाते थे, लेकिन पुराने घर बेहद साफ और स्वच्छ रहते थे, जबकि अब सारे काम मशीनों के द्वारा किए जा रहे हैं, उसके बाद भी हमारे घरों में गंदगी बढ़ती जा रही है, इसी तरह की और भी कई वजहें हैं, जिनकी वजह से साफ सफाई करने में बाधा उत्पन्न होती है।

जागरूकता अभियान;

तो नगर निगम द्वारा यह जागरूकता अभियान हम लोगों को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहा है, ताकि हम एक छोटा सा ब्रेक लेकर सोचें, कि क्या हमारा घर साफ है, और नहीं है, तो हम उसको साफ करने की फिक्र में लग जाए, क्योंकि स्वच्छ शरीर के बाद स्वच्छ घर हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बेहद ज़रूरी है।

आईए अब हम जानते हैं, "स्वच्छ घर" के फायदे;

बेहतर स्वास्थ्य, सकारात्मक मानसिकता, मेहमानों के लिए अनुकूल वातावरण और सुरक्षा शामिल हैं, एक साफ घर बीमारियों से बचाता है, आत्मविश्वास बढ़ाता है, और घर को रहने के लिए एक सुखद स्थान बनाता है।

 स्वास्थ्य लाभ:

 बीमारियों से बचाव:


साफ-सुथरा घर धूल, कीटाणुओं और एलर्जी से बचाता है, जो स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार:

एक स्वच्छ वातावरण में रहने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।

स्वच्छता में आसानी:

साफ-सुथरा घर होने से सफाई करना आसान हो जाता है, जिससे समय और ऊर्जा की बचत होती है।

मानसिक लाभ:

सकारात्मक मानसिकता:
एक साफ-सुथरा घर मन को शांत और सकारात्मक बनाता है, जिससे आत्मविश्वास और खुशी में वृद्धि होती है।

तनाव में कमी:

एक अव्यवस्थित घर तनाव का कारण बन सकता है, जबकि एक साफ घर तनाव को कम करने में मदद करता है।

उत्पादकता में वृद्धि:

एक साफ-सुथरा घर काम करने या पढ़ाई करने के लिए एक बेहतर वातावरण प्रदान करता है, जिससे उत्पादकता में वृद्धि होती है।

सामाजिक लाभ:

मेहमानों के लिए अनुकूल वातावरण:
एक साफ-सुथरा घर मेहमानों के लिए एक स्वागत योग्य और आरामदायक जगह बनाता है, जिससे सामाजिक संबंध मजबूत होते हैं।

सुरक्षा:

साफ-सुथरा घर सुरक्षा सुनिश्चित करता है, क्योंकि यह कीड़ों और चूहों जैसे जानवरों को आकर्षित नहीं करता है।

सामाजिक प्रतिष्ठा:

एक साफ घर व्यक्ति और उसके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को बढ़ाता है।

अन्य लाभ:

घर की सुंदरता में वृद्धि:
एक साफ-सुथरा घर अधिक आकर्षक और सुंदर दिखता है।
सजावट का अधिक प्रभाव:
एक साफ घर में सजावट अधिक प्रभावी होती है, क्योंकि यह अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

घर का मूल्य:

एक साफ-सुथरा घर घर के मूल्य को बढ़ाता है।

संक्षेप में, एक स्वच्छ घर न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए, बल्कि मानसिक और सामाजिक कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह एक खुशहाल और स्वस्थ जीवन जीने के लिए एक आवश्यक घटक है।

अब हमें ज़रूरत है, कि हम अपने घरों की सफाई करें, और उनमें पेड़ पौधे लगाए, ताकि उसका फायदा हमें ही प्राप्त हो, और हम सुखी और निरोग रह सके।

 यहां तक की अब लोग बेडरूम में बेहतर ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए कुछ पौधों को इस्तेमाल कर रहे हैं, जो इस प्रकार हैं;

कई घरेलू पौधे हवा को शुद्ध करने और ऑक्सीजन का उत्पादन करने की अपनी क्षमता के लिए जाने जाते हैं, जो उन्हें बेडरूम के लिए उपयुक्त बनाता है। स्नेक प्लांट (सेन्सेविरिया ट्राइफैसिआटा) और स्पाइडर प्लांट (क्लोरोफाइटम कोमोसम) लोकप्रिय विकल्प हैं क्योंकि वे अपेक्षाकृत कम रखरखाव वाले होते हैं और रात में ऑक्सीजन का उत्पादन जारी रखते हैं।

स्नेक प्लांट (संसेविया ट्राइफसिआटा)

स्पाइडर प्लांट (क्लोरोफाइटम कोमोसम)

पीस लिली (स्पैथिफिलम)
पोथोस (एपिप्रेमनम ऑरीयम)

ZZ प्लांट (ज़मीओकुलकस ज़मीफ़ोलिया)

 Part 2

इसी कड़ी में 8 जुलाई से 15 जुलाई के बीच में नगर निगम के द्वारा जो अभियान चलाया जा रहा है उसके तहत स्वच्छ पड़ोस जिसके द्वारा हम अपने आसपास अपने पड़ोस को कैसे साफ रख सकते हैं इसके बारे में अवगत कराया जाएगा।

स्वच्छ पड़ोस;

इसका सबसे आसान तरीका यह है, कि हम जिस तरह अपने घर को अपना घर समझ कर साफ रखते हैं, और भावनात्मक रूप से उससे जुड़े रहते हैं, इसी तरह हम पड़ोस को भी अपना घर समझे, और अगर हम में से हर व्यक्ति अपने घर के बाहर यानी, कि पड़ोस में गंदगी ना करें, तो हमारे पड़ोस में कभी भी गंदगी नहीं होगी।

क्योंकि हमारे मोहल्ले में अक्सर ऐसा देखने में आता है कि खाली प्लॉट्स को कचरा घर बना दिया जाता है वह बाहर के लोगों के द्वारा नहीं किया जाता बल्कि हमारे ही लोगों के द्वारा हमारे पड़ोसियों के द्वारा ऐसा किया जाता है कोई एक जगह चिन्हित कर दी जाती है जहां पर लोग कचरा फेंकते हैं।

यह सख़्त हैरानी की बात है, कि हम लोगों की मानसिक स्थिति कितनी खराब हो चुकी है, कि हम अपने घर के बाज़ू में ही कचरा फेंकते हैं, और फिर नगर निगम कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े करते हैं, कि वह कचरा नहीं उठाते, जबकि हम सभी की आसानी के लिए शहरों में खासकर घर से कचरा लेने के लिए एक गाड़ी निश्चित समय पर रोज़ाना आती है, लेकिन हम लोग इतनी भी ज़हमत नहीं करते हैं, कि अपने घरों का कचरा इस गाड़ी में डालकर, अपने घर को और अपने पड़ोस को साफ और स्वच्छ रख सकें।

"रोको टोको अभियान"

अक्सर हमने सुना और पढ़ा है, कि एक गंदी मछली सारे तालाब को गंदा कर देती है, या एक खराब सेब पूरी टोकरी में मौजूद सेबों को खराब कर देता है, ठीक ऐसा ही हमारे मोहल्ले में भी होता है, बल्कि हमारे पूरे समाज में यही होता है।

दरअसल हम सभी एक ऐसे माहौल में जी रहे हैं जहां हम सिर्फ खुद पर ही ध्यान दे रहे हैं, और हमने किसी भी गलत बात को नज़रअंदाज़ करना बहुत अच्छे तरीके से सीख लिया है, इसकी वजह है, क्योंकि ऐसा देखने में आता है, की हर मोहल्ले में 10 या 20 भी ऐसे महानुभाव होते हैं, जोकि कचरा खाली प्लाटों में या किसी एक जगह पर डालते हैं और उसको कचरा का ढेर बना देते हैं, या कचरा घर बना देते हैं, अगर मोहल्ले के 5 और 10 समझदार लोग अगर अपने पड़ोसियों को अच्छे तरीके से इस बारे में समझाएं, कि आपका कचरा फेंकने से पूरे मोहल्ले में गंदगी होती है, और हम सभी बीमारियों का शिकार बनते हैं, और हमारे मोहल्ले को गंदगी का सामना करना पड़ता है।

और अगर वह लोग नहीं हमारी बात पर अमल करते हैं, तो नगर निगम के अमले द्वारा इन लोगों को आईडेंटिफाई किया जाए, और उनके ऊपर स्पॉट फाइन किया जाए, ताकि यह लोग भविष्य में ऐसी गलती कभी भी ना करें, क्योंकि कुछ लोग जब तक पैसे (फाइन) खर्च नहीं कर देते हैं, उन्हें सीख नहीं मिलती है।

दरअसल कानून का पालन हमेशा "प्लीज़" बोलकर नहीं करवाया जा सकता, अगर दंडात्मक कार्यवाही की जाए, तो लोगों को जीवन भर के लिए एक सबक मिल जाता है, उसके बिना कुछ लोगों को कानून के बारे में समझ पाना बेहद मुश्किल है।

आईए अब हम जानते हैं, कि स्वच्छ पड़ोस के क्या फायदे हैं;

जिनमें बेहतर स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, और समुदाय में सकारात्मकता शामिल हैं।

स्वच्छ पड़ोस के फायदे:

 बेहतर स्वास्थ्य:

स्वच्छ वातावरण बीमारियों को रोकने में मदद करता है, क्योंकि यह कीटाणुओं, बैक्टीरिया और वायरस के प्रसार को कम करता है।

 पर्यावरण संरक्षण:

कूड़ा-कचरा कम करने से पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे वायु और जल प्रदूषण कम होता है।

समुदाय में सकारात्मकता

स्वच्छ पड़ोस समुदाय के सदस्यों के बीच गर्व और खुशी की भावना को बढ़ावा देता है।

सुरक्षा:

स्वच्छता और साफ-सफाई से अपराध और चोरी जैसी घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है, क्योंकि यह एक ऐसे वातावरण को दर्शाता है जो सुव्यवस्थित और सुरक्षित है।

आर्थिक लाभ:

स्वच्छ पड़ोस संपत्ति के मूल्यों को बढ़ा सकता है और पर्यटन को आकर्षित कर सकता है।

मानसिक स्वास्थ्य:

स्वच्छ वातावरण मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है, क्योंकि यह तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है।

सामाजिक सम्मान;

अगर हमारा पड़ोस साफ और स्वच्छ होगा, तो जो लोग भी हमारे मोहल्ले में या कॉलोनी में आएंगे, तो उनके ऊपर हमारे पड़ोस का एक अच्छा इंप्रेशन पड़ेगा एक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, और इस बात की चर्चा हमारे मिलने वालों में होगी, कि हम एक बहुत ही साफ और स्वच्छ मोहल्ले में या कॉलोनी में रहते हैं, यह हमारे लिए एक सामाजिक सम्मान का प्रतीक है, एक इनाम है।

Cleanliness Award 2.0

इसी कड़ी में पिछले दो सालों से भोपाल की मानव सेवा करने वाली टीमों के द्वारा ईद उल अज़हा के मौके पर "एक मेरा वॉर्ड मेरा मोहल्ला मेरी ज़िम्मेदारी अभियान" चलाया जा रहा है, जिसके तहत कुर्बानी के बाद जो वेस्टेज निकलता है, उसको हम नगर निगम द्वारा जो गाड़ियां आती हैं, उनको ही दें, इस वेस्टेज को खुले में नहीं फेंके, क्योंकि इससे हमारे मोहल्ले और कॉलोनी ही गंदे होंगे हमारा घर और पड़ोस गंदा होगा, जिससे बीमारियां फैलेंगी।

न्यूज़ मोहल्ला वेलफेयर फाउंडेशन;

जैसा कि आप सभी जानते हैं, कोविड के समय से ही न्यूज़ मोहल्ला वेलफेयर फाउंडेशन मानव सेवा कार्यों में लिप्त है, और जब भी हमको मौका मिलता है, हम मानव सेवा करने का कोई अवसर नहीं गवाते, और इसको हम अपनी खुशकिस्मती मानते हैं, कि हम किसी ज़रूरतमंद के या किसी नेक काम में अपना सहयोग और योगदान दे सकें।

तो आप सभी को यह बात बताते हुए बेहद खुशी हो रही है, कि न्यूज़ मोहल्ला Cleanliness Award 1/2 का भी हिस्सा रहा है, और इस प्रोग्राम को सफल बनाने में हमने भी अपना हर संभव योगदान दिया है।

 अंत में सिर्फ इतना ही कि स्वच्छता एक आदत है, जिसे शुरू में व्यक्तिगत रूप में, फिर सामूहिक रूप से अपनाया जा सकता है।

लेखक इमरान उज़ ज़माँ 
ई-मेल imranuzzaman01@gmail.com