"आज की कहानी"

"ऑनलाइन गेमिंग ऐप"

इंट्रोडक्शन;


यह कहानी एक फैमिली की है, जिसमें माता अनीता और पिता कमलेश और उनके दो बच्चों आर्यन 9th स्टैंडर्ड काव्या 5th स्टैंडर्ड की है, पिता एक बड़ी कंपनी में मैनेजर की पोस्ट पर पदस्थ है, और माता एक कंपनी में एचआर मैनेजर है।

रोज़ सुबह की तरह बच्चों को स्कूल भेजने के बाद, ऑफिस जाने से पहले कमलेश और अनीता नाश्ता करते हुए आपस में बात करते हैं, और अखबार की सुखियों पर चर्चा करते हैं।

जहां एक खबर कमलेश को परेशान करती है, ऑनलाइन गेमिंग की वजह से एक बच्चा सुसाइड कर लेता है।

कमलेश; अनीता देखो, यह कितनी अजीब खबर है, और इस बच्चे के मां-बाप कितने लापरवाह है, जिन्होंने इस पर ध्यान ही नहीं दिया, और इस बच्चे को सुसाइड करना पड़ा।

अनीता; एक चेहरे पर अजीब सा भाव लेकर भवे सुकेडते हुए जवाब देती है,

हां आजकल मां-बाप बहुत केयरलैस हो गए हैं, और वह अपने बच्चों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते।

कमलेश; मेरी समझ में यह नहीं आता, कि जब मां-बाप बच्चों पर ध्यान नहीं देते हैं, तो वह बच्चे पैदा ही क्यों करते हैं?

अनीता; चाय की चुस्की लेते हुए, कमलेश को जवाब देती है, कि आपने बिल्कुल सही कहा,

"बकरियां पहाड़ पर बैठकर नहीं चराई जा सकती हैं"

तभी कमलेश के मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें ₹10,000 उसके अकाउंट से डेबिट हुए।

इस मैसेज को देखकर कमलेश ने अनीता से पूछा, क्या तुमने कोई ऑनलाइन शॉपिंग करी है? जिसकी वजह से मेरे अकाउंट से ₹10,000 डिडक्शन का मैसेज आया है।

अनीता ने कमलेश को जवाब दिया, कि मैंने तो कोई शॉपिंग नहीं करी, और अगर मैं शॉपिंग करती, तो आपको ज़रुर बताती।

इस जवाब पर कमलेश मन ही मन बड़बड़ाया, और अनीता से कहा, कि मैं अपने बैंक रिलेशनशिप ऑफिसर से बात करके पता करता हूं!

इस पर अनीता ने हां कहा, और दोनों ही खुशी खुशी अपने ऑफिस की तरफ रवाना हो गए।

कमलेश ने बैंक रिलेशनशिप ऑफीसर आनंद से दोपहर में बात करी।

कमलेश; मिस्टर आनंद कैसे हैं आप?

आनंद; कमलेश सर में बिल्कुल ठीक हूं, और सुनाइए अपने कैसे याद किया?

कमलेश; मेरे अकाउंट से आज सुबह ₹10,000 डिडक्ट हुए हैं, आप बता सकते हैं, ऐसा क्यों हुआ है?

आनंद; जी बिल्कुल, मुझे सिर्फ 1 मिनट दीजिए, मैं डिटेल चेक करके आपको बताता हूं, और आनंद ने कमलेश को रिप्लाई किया, कि आपके अकाउंट से किसी ऑनलाइन गेमिंग अकाउंट में ₹10,000 ट्रांसफर हुए हैं।

कमलेश; आनंद की इस बात पर बहुत तेज़ हैरान हुआ और आनंद से कहा, ऐसा कैसे हो सकता है?

क्योंकि मैं तो ऑनलाइन गेम नहीं खेलता हूं?

आनंद; नहीं सर, आपके अकाउंट से आपके द्वारा ही यह पैसा ट्रांसफर हुआ है।

अब कमलेश पूरी तरह से परेशान हो गया, और सोचने लगा, कि क्या हुआ होगा?

जब कमलेश परेशान हुआ, तो उसने आनन फानन में अनीता को फोन किया, और सारी बात बताई, अब अनीता को भी चिंता हुई, उसने कहा कि मैं घर पहुंच कर बच्चों से इस बात को डिस्कस करती हूं।

अब अनीता पर भी चिंता के बादल हावी हो गए, और वह तरह-तरह की बातें सोचने लगी अनहोनी बातें सोचने लगी!

और जब इंसान परेशान होता है, तो एक लम्हा भी बड़ी मुश्किल से गुज़रता है, खैर अनीता ऑफिस से अपने घर पहुंची।

लेकिन उसने बहुत संयम से काम लिया, और एकदम नॉर्मल बिहेव किया, दोनों ही बच्चों से अच्छे तरीके से बात करी, उनसे स्कूल के बारे में पूछा, बच्चों का दिन कैसा गुज़रा इसके बारे में पूछा।

जब माहौल एकदम नॉर्मल हो गया, तब उसने अपने बेटे आर्यन से कहा, आर्यन क्या तुम्हें मालूम है, तुम्हारे पापा के अकाउंट में से ₹10,000 डिडक्ट हो गए, इस पर अनीता को आर्यन के चेहरे पर परेशानी के भाव देखने को मिले।

क्योंकि एक मां तो मां ही होती है, वह बच्चे के चेहरे को देखकर हर बात समझ जाती है, कि माजरा क्या है, क्योंकि जब बच्चा बोलना नहीं सिखता है, तब से मां बच्चों की बात को समझती है।

इस पर आर्यन कि आंखों में आंसू आ गए, और वह अपनी मां से लिपट गया, और बच्चों की तरह रोने लगा और मां से रोते हुए कहा।

आर्यन; मां मुझ से बहुत बड़ी गलती हो गई, मैं पहले नॉर्मल गेमिंग खेलता था, फिर अचानक से मुझे इसकी लत लग गई, और मैं पैसे देकर गेम खेलने लगा, एक दो बार मैने थोड़े पैसे जीते भी हैं, तो मेरी लालच और बढ़ गई, तो मुझे यह लगा कि मैं बहुत सारे पैसे जीत लूंगा, तो आप लोगों के लिए एक महंगी कर खरीदूंगा, क्योंकि मेरे एक यूट्यूबर दोस्त ने अपने मां-बाप को एक कार गिफ्ट करी है।

इस पर अनीता ने आर्यन को समझाया, कि कोई बात नहीं, अगर तुमसे गलती हुई है, तो तुम्हें खुद ही हमको यह बात बता देनी थी, और गलती हमारी भी है, कि हमने तुम पर ध्यान नहीं दिया, कि तुम क्या कर रहे हो?

फिर अनीता ने आर्यन से कहा, कि चलो अब सो जाओ सुबह तुम्हें स्कूल जाना है, और जो हुआ उसको भूल जाओ।

आर्यन; लेकिन पापा को जब इस बात का जब पता चलेगा, तब वो बहुत नाराज़ होंगे और मुझ पर गुस्सा करेंगे?

अनीता ने आर्यन को भरोसा दिलाया, कि तुम परेशान मत हो, मैं तुम्हारे पापा से कह दूंगी, कि मैंने ऑनलाइन शॉपिंग की थी, उसका पेमेंट आपके अकाउंट से किया है।

मां की इस बात पर आर्यन को इत्मीनान आ गया, लेकिन वह डरता डरता सो गया।

जैसा कि कमलेश और अनीता के बीच में तय हुआ था, कि उस रात कमलेश थोड़ा लेट ऑफिस से वापस आएगा, ऐसा ही हुआ।

जब अनीता ने कमलेश को बताया, कि आर्यन को ऑनलाइन गेमिंग की लत लग गई है, और इसी वजह से आपके अकाउंट से ₹10,000 डिडक्ट हुए है, इस पर कमलेश बहुत हैरान और परेशान हो गया।

इस पर अनीता ने कमलेश से कहा;

कि आप परेशान मत होइए, हम मिलकर अपने बच्चे को इस लत से निजात दिलवा देंगे, लेकिन आर्यन पर आप यह ज़ाहिर मत करना, कि आपको यह पूरा एपिसोड मालूम है, आप आर्यन के साथ बिल्कुल नॉर्मल बिहेव करिए, और उसके साथ टाइम बिताइए, अनीता की इस बात पर कमलेश ने "हां" कहा!

खैर हर दिन की तरह एक नॉर्मल सुबह इस परिवार में हुई, जैसे इस तूफान से पहले चल रहा था, लेकिन मां ने कुछ दिनों बाद एक बात कही, कि हम सभी अपने-अपने मोबाइल और लैपटॉप्स रात 10:00 बजे से सुबह तक के लिए, सब एक जगह रख देंगे।

फिर एक दिन सुबह कमलेश ने आर्यन से कहा, कि आर्यन चलो हम फ्रूट मार्केट चलते हैं, और वहां से कुछ फ्रूट खरीद कर लाएंगे।

आर्यन; इस पर खुशी-खुशी तैयार हो गया, और पापा के साथ फ्रूट मार्केट गया।

वहां पर कमलेश ने आमों की एक पेटी खरीदी, जो कि एकदम हारे और कच्चे थे, दुकानदार ने कमलेश को एक केमिकल (कार्बाइड) की पुड़िया दी।

आर्यन ने रास्ते में अपने पिता से सवाल किया, कि पापा हमने कच्चे आम क्यों खरीदे हैं?

कमलेश ने आर्यन के सवाल पर कहा, कि मेरे पास एक जादू है, उससे यह आम पक जाएंगे।

आर्यन को इस बात पर बहुत हैरानी हुई लेकिन वह चुप रहा।

घर जाकर कमलेश ने आम की पेटी में केमिकल (कार्बाइड) डाल दिया।

2 दिन बाद संडे था, सभी घर पर थे, तभी कमलेश ने अनीता, आर्यन और काव्या को बुलाया, और आम की पेटी खोली!

इस पर आर्यन हैरान रह गया, कि सारे ही हरे आम अब पीले हो चुके हैं, और पक चुके हैं, फिर सभी परिवार वालों ने बड़े मज़े से वह आम खाए।

इस पर आर्यन ने अपने पापा से पूछा, कि यह चमत्कार कैसे हुआ, तो इस पर कमलेश ने जवाब दिया;

कि जो केमिकल की एक पुड़िया दुकानदार ने मुझको दी थी, यह उसका कमाल है।

इस पर आर्यन ने जिज्ञासावश पूछा, कि इस पुड़िया को क्या कहते हैं, तो कमलेश ने कहा इसको कार्बाइड कहते हैं?

कुछ दिनों के बाद आर्यन ने कार्बाइड के बारे में एक लेख पढ़ा, जिसमें कार्बाइड से पके हुए फलों के बहुत सारे नुकसान बताए गए थे।

आर्यन ने अपने पापा के आने का इंतज़ार किया और खाने की टेबल पर कमलेश से कहा।

आर्यन; पापा आज मैंने एक लेख पढ़ा, जिसमें कार्बाइड के नुकसान बताए गए थे, कि यह कैसे एक आर्टिफिशियल तरीके से फलों को पकाता है, जिसका नुकसान हम इंसानों की सेहत पर पड़ता है, और यह नेचुरल तरीके के अपोज़िट है।

इस पर अनीता और कमलेश हंसने लगे और अनीता ने आर्यन से कहा;

अनीता; यही सबक तो तुम्हें सीखना था बेटा, कि शॉर्टकट का रास्ता नुकसान का रास्ता है, पहले अच्छे से पढ़ाई कर लो, डिग्री ले लो, और फिर जब कमाने के लायक हो जाओ, तब कमाने की फिक्र करना।

इन दो अलग अलग बातों के जुड़ाव, जो कि दोनों एक दूसरे से अलग थी, उनकी तुलना जब एक दूसरे से की गई!

तब आर्यन पूरी तरह से हैरान रह गया, लेकिन उसको जो सबक सीखना था, वह सीख चुका था।

इस पर कमलेश ने आर्यन से मज़ाक करते हुए कहा की बेटा अभी हमें कार की ज़रूरत नहीं हैं।

(इस पर सभी लोग हँसने लगे)

कुछ देर बाद कमलेश ने अनीता से पूछा कि इस पूरी कहानी से हमें क्या शिक्षा मिली?

इस पर अनीता ने कहा;

"कि बकरियां पहाड़ पर बैठकर नहीं चराई जा सकती हैं"

"Happy Beginning"