आज जिस खबर को मैं आप सभी के सामने रखना चाहता हूँ, वो खबर हमारे शहर से जुड़ी है, 28 अगस्त 2025 को यानी कि कल हमारे शहर में एक घटना घटी, और उस घटना ने भोपाल शहरवासियों को बहुत प्रभावित किया और सोचने पर मजबूर किया।
जिसमें एक वीडियो वायरल हुआ, जोकि भोपाल के एक पेट्रोल पंप में गड़बड़ी का मामला पेट्रोल डलवाने वाले एक व्यक्ति ने उजागर किया, जिसमें पेट्रोल पंप कर्मियों के द्वारा एक होंडा शाइन बाइक में 16 लीटर पेट्रोल डाला गया, तब गाड़ी स्वामी को शक हुआ तो उसने अपनी बाइक के टैंक में से पेट्रोल निकलवाया तो सिर्फ 13 लीटर ही पेट्रोल निकला इस पर पेट्रोल पंप कर्मियों और संचालक ने मशीन की खराबी का हवाला दिया, अब क्योंकि दुनिया ग्लोबल विलेज बन चुकी है, तो कुल मिलाकर यह वीडियो कल से खूब घूम कर रहा है।
खैर इस घटना के बाद से ही लोगों ने अपने विचार व्यक्त करना शुरू किए हैं, और न्यूज़ चैनलों ने इस घटना को अपने प्लेटफार्म पर जगह दी है, जिससे लोगों के बीच में यह कुतूहल का विषय बन गया है, वैसे सिर्फ ये एक व्यक्ति और एक पेट्रोल पंप का मामला है, लेकिन जब हमने इस संबंध में जानकारी एकत्रित की तो हम भी हैरान रह गए वही जानकारी अब हम आपको भी उपलब्ध करवाते हैं जिसको जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
62% लोग ऐसे अनुभव से गुज़रे हैं, जहां वो समझते हैं, कि मशीन ने धोखा दिया होगा, लगभग 13% भारतीयों को लगता है, कि पेट्रोल पंप पर मीटर सही तरीके से सेट नहीं किया जाता है।
जब हमने इस विषय को और भी बारीकी से अध्ययन किया, तो हमें लोगों की तरफ से तीन तरह की शिकायतें पढ़ने को मिली;
1. डीज़ल और पेट्रोल का महंगा होना।
2. डीज़ल और पेट्रोल की चोरी।
3. डीज़ल और पेट्रोल में मिलावट।
अब हम पहले पॉइंट को कवर करते हैं, अक्सर लोगों की शिकायत है, कि भारत में डीज़ल और पेट्रोल महंगा है, आईए अब हम जानते हैं, कि भारत में पेट्रोल और डीज़ल महंगा होने के पीछे कई मुख्य कारण हैं:
1. उच्च कर (Taxes)
भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमत का लगभग 50% से 60% हिस्सा टैक्स होता है।
केंद्र सरकार एक्साइज़ ड्यूटी लेती है, और राज्य सरकारें वैट (VAT) लगाती हैं।
यही सबसे बड़ा कारण है, कि भारत में ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कीमतों से कहीं ज़्यादा रहती हैं।
2. कच्चे तेल (Crude Oil) पर निर्भरता
3. डॉलर-रुपया विनिमय दर (Exchange Rate)
4. रिफाइनिंग, ट्रांसपोर्ट और डीलर मार्जिन
5. सरकारी राजस्व (Revenue)
सरकारें (केंद्र और राज्य दोनों) ईंधन पर भारी कर लगाकर बहुत बड़ा राजस्व (आय) अर्जित करती हैं, यही पैसा बजट, सब्सिडी और अन्य योजनाओं में खर्च होता है।
✅ निष्कर्ष:
भारत में पेट्रोल-डीज़ल महंगा है क्योंकि टैक्स बहुत ज्यादा है, कच्चे तेल के लिए हमें विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता है, और डॉलर-रुपया की दर का सीधा असर कीमत पर पड़ता है।
अब दूसरे पॉइंट पर बात करते है,
डीज़ल और पेट्रोल में मिलावट, रतलाम (फरवरी 2025) – मुख्यमंत्री का काफिला रुका, मुख्यमंत्री मोहन यादव के काफिले की 19 SUVs अचानक बंद हो गईं, क्योंकि जिस पेट्रोल पंप से इन गाड़ियों में डीज़ल भरा गया था, उसमें पानी की मिलावट थी, जाँच के बाद पंप सील कर दिया गया और मालिक के खिलाफ मामला दर्ज हुआ।
🔗 TOI रिपोर्ट
अब समझते हैं, कि मिलावटी पेट्रोल और डीज़ल से गाड़ी को क्या नुकसान होता है,
तो मिलावटी पेट्रोल और डीज़ल से गाड़ी का माइलेज कम हो जाता है, इंजन झटके मारता है, पिकअप घटता है, और इंजन में कार्बन जमा हो जाता है, इंजन के अंदरूनी हिस्सों में घर्षण बढ़ता है, जिससे स्पार्क प्लग और साइलेंसर जैसे पार्ट्स खराब हो जाते हैं, और इंजन की लाइफ कम हो जाती है, सबसे खतरनाक बात यह है, कि इंजन सीज़ हो सकता है, जिससे गाड़ी की मरम्मत पर भारी खर्च आ सकता है।
अब हम बात करते हैं, तीसरे और आखिरी पॉइंट कि जिसमें 62% लोगों की यह शिकायत है, कि पेट्रोल पंपों पर कर्मचारियों द्वारा डीज़ल और पेट्रोल की चोरी की जाती है, इसके भी अनगिनत उदाहरण मौजूद है, जो लोगों की बात को सत्यापित करते हैं जैसा की कल एक कैसे हम सभी के सामने आया है जहां 16 लीटर के पैसे लिए गए हैं और पेट्रोल सिर्फ 13 लीटर डाला गया है, तो अगर हम इसको देखें, कि हमें 1 लीटर पेट्रोल कितने रुपए का पड़ा, तो 106×16÷13=130 रूपये लीटर...
इसलिए हमारी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से अपील है, कि वह पेट्रोल पंपों इन गाड़ियों में डीज़ल और पेट्रोल डालने वाली मशीनों की समय-समय पर जांच कराएं, लेकिन मशीनों के साथ एक बुरी बात यह है, कि उसको इंसानो ने ही बनाया हैं और अपनी मर्ज़ी से उसमें फेर बदल बड़ी ही आसानी से कर लेते हैं।
इस मुद्दे को हल करने के लिए मेरा इस संबंधित विभाग को सुझाव यह है, इस धोखाधड़ी से बचाने के लिए पेट्रोल पंपों पर डीज़ल और पेट्रोल जब यह मशीने नहीं आई थी, और मापने वाले जार (Measuring Jar) का इस्तेमाल किया जाता था, अब वही पुराने तरीकों को दोबारा से अपना लेना चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास बना रहे, वरना महंगाई की मार और वार डीज़ल और पेट्रोल को परेशान करती ही रहेगी।
अब मूड को थोड़ा रिफ्रेश करते हैं, और आईए देखते हैं, इस पर भोपाली जुगतें क्या वायरल हो रही हैं;
अरे खां बाइक को प्यास लगती है, तो वो पेट्रोल पी जाती है।
सुनो मियां पेट्रोल हाई क्वालिटी का था, भाप बन कर उड़ गया।
भईया इनका टैंक मिट्टी का होगा, मिट्टी ने पेट्रोल पी लिया।
भाई साहब इनका टैंक छलनी का होगा, इसलिए पेट्रोल गिर गया।
अरे खां इसको चोरी थोड़ी इसको तो डकैती कहते हैं।
गए वो दिन जब लोग आंखों से सूरमा चुराते थे, अब तो गाड़ी से पेट्रोल चुराते हैं।
लेखक; इमरान उज़ ज़माँ
मेल आईडी; imranuzzaman01@gmail.com